साधारण सफलताएं तय रास्तों पर चलने से मिल जाती हैं, लेकिन बड़ी सफलता के लिए उस सीमा को पार करना पड़ता है, जिसे आम समाज असंभव मानता है। जब हम असंभव दिखने वाली चुनौतियों को पार करते हैं, हमारी वास्तविक क्षमताएं और छिपी हुई ताकतें ईश्वर के निर्देश पर बाहर प्रगट होती हैं।
जिस रास्ते पर सब कुछ आसान और संभव दिखता है, वहां हर कोई चल रहा होता है। असंभव की सीमा वह फ़िल्टर है, जिसके आगे केवल ईश्वरीय कार्य करने वाले ही जा सकते हैं, ऐसे लोग दृढ़ संकल्पी और साहसी और बहुतों को साथ लेकर चलने वाले होते हैं। जैसे ही आप उस असम्भव की सीमा को पार करते हैं, सांसारिक प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाती है, यही लोग इतिहास रचते हैं।
इतिहास गवाह है कि जितने भी महान आविष्कार, क्रांतियां या व्यवस्था परिवर्तक हुये हैं, जिन्होंने अभूतपूर्व सफलता पायी है, उनके शुरू होने से ठीक पहले लोगों ने उन्हें ‘पागल’ या ‘असंभव’ ही कहा था।
आपके लक्ष्य की इस यात्रा में, जब भी सामने कोई ऐसी दीवार खड़ी हो जिसे पार करना नामुमकिन लगे, तो समझ लीजिए कि आप पर ईश्वर की विशेष कृपा हो गयी है, अब बस सिर्फ सांसारिक औपचारिकता बाकी रह गयी है, अब आप बहुत ही बड़ी कामयाबी के बेहद करीब हैं !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये
मोबाईल : 9453092553

