सफलता की राह पर चलते हुए अक्सर हमारा सामना ऐसे लोगों से होता है जो अपनी मीठी बातों या झूठे दावों से हमारे करीब आ जाते हैं। इन्हें ‘भ्रमित करने वाले साथी’ कहा जा सकता है।
ऐसे व्यक्तियों की पहचान यह है कि उनके पास न तो किसी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव होता है और न ही वे अपने स्वयं के कार्य में कुशल होते हैं। जब आप किसी बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहे होते हैं, तो आपको सही मार्गदर्शन और सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। लेकिन ये भ्रमित साथी आपको स्पष्ट दिशा देने के बजाय असमंजस की स्थिति में डाल देते हैं।
इनके साथ रहने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है:
यह आपकी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों से हटाकर व्यर्थ की चिंताओं और चर्चाओं में लगा देते हैं। जिससे समय और ऊर्जा की बर्बादी होती है ! गलत सलाह और बिना सोचे-समझे लिए गए निर्णयों के कारण आपके बहुमूल्य संसाधन नष्ट हो जाते हैं। यह आपकी निर्णय क्षमता को कमजोर करते हैं, जिससे प्रगति की गति धीमी हो जाती है।
वास्तव में, ऐसे लोग आपके सफर में ‘सहयोगी’ नहीं बल्कि एक अदृश्य ‘समस्या’ हैं। एक सफल और मानसिक रूप से शांत जीवन के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने आस-पास के लोगों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करें। अपनी संगति में केवल उन्हीं को स्थान दें जो आपको प्रेरित करते हों, जिनके पास ठोस अनुभव हो और जो आपके विज़न को समझते हों। भ्रमित करने वाले तत्वों से दूरी बनाना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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