
बृ्हस्पति, शुक्र के अस्तकाल में विवाहादि शुभ कार्य क्यों वर्जित है । Yogesh Mishra
बृ्हस्पति, शुक्र के अस्तकाल में विवाहादि शुभ कार्य क्यों वर्जित है बृहस्पति और शुक्र के अस्त…

बृ्हस्पति, शुक्र के अस्तकाल में विवाहादि शुभ कार्य क्यों वर्जित है बृहस्पति और शुक्र के अस्त…

मारकेश का अर्थ मृत्यु नहीं है मारकेश का तात्पर्य कभी यह नहीं है कि व्यक्ति की…

मित्रो शनि का नाम सुनते ही ज़्यादातर लोगो को लगने लगता की बस अब तो सब…

सुदर्शन चक्र ज्योतिष का मूल आधार है। आत्मा मन तथा शरीर का सही समायोजन जीवन की…

भारतीय काल गणना की विकास यात्रा प्रकृति की जिन निश्चित घटनाओं से मनुष्य का आरंभ…

रोग का कारण ईश्वरीय शक्ति का आभाव मनुष्य ब्रम्हांड की एक अद्भुत रचना है जो ईश्वरीय…

वैदिक ज्योतिष अनुसार मानव मस्तिष्क को ४२ भागों तथा ८४ प्रवृत्तियों में विभाजित किया गया है।…

भगवान विष्णु का माता लक्ष्मी द्वारा चरण दबाने का अर्थ अनेक चित्रों में भगवान विष्णु को…

भस्म वस्तुतः आयुर्वेद के इन्जेकशन हैं। भस्म रमाने के पीछे कुछ वैज्ञानिक तथा आध्यामित्क कारण भी…