दिलीप कुमार से सबक लो : Yogesh Mishra

दिलीप कुमार एक पाकिस्तानी मुस्लमान जिसका वास्तविक नाम मुहम्मद युसुफ खान था ! जिसका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में 11 दिसम्बर 1922 को हुआ था ! जिसने फिल्म जगत में नाम बदल कर बेहतर मुसलमान होने का परिचय दिया और…

दिलीप कुमार एक पाकिस्तानी मुस्लमान जिसका वास्तविक नाम मुहम्मद युसुफ खान था ! जिसका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में 11 दिसम्बर 1922 को हुआ था ! जिसने फिल्म जगत में नाम बदल कर बेहतर मुसलमान होने का परिचय दिया और…

प्रौढ़ावस्था प्राप्त अभिनेत्री जूही चावला जो कि मुंबई की स्थाई निवासी हैं ! उन्होंने अपने राज्य महाराष्ट्र के न्यायिक अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर मुंबई उच्च न्यायालय के स्थान पर दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष 5G टावर को स्थापित न…

भारत में किसी भी व्यक्ति या कंपनी को एक सीमा से अधिक खेती खरीदने के लिये सीलिंग कानून प्रतिबंध करता है ! विद्यमान कानून के चलते कार्पोरेट घरानों को खेती पर सीधा कब्जा करना संभव नही है ! इसलिये अब…

सूचना है कि सोशल मीडिया के लिये केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू करने के लिये गूगल और फेसबुक जैसी कंपनी तैयार हैं, लेकिन व्हाट्सएप अभी भी पूरी तरह से न मानने के लिये अड़ी हुई है ! दिल्ली हाईकोर्ट…

एक लोकप्रिय प्रभावशाली नेता के एक राजनीतिक बयान पर मेरी कई मनोचिकित्सकों से वार्ता हुई ! मुझे अलग-अलग व्यक्ति ने इस वक्तव्य के मनोविज्ञान को अलग-अलग तरह से समझाने की चेष्टा की ! किंतु मैं यह समझ पाया कि जो…

आजकल रामदेव का एक एन.जी.ओ. से हुआ विवाद सुर्ख़ियों में छाया हुआ है ! सारे अखबार, पत्र-पत्रिका, टी.वी. चैनल अब करो ना से हुई मौतों को गिनाने की जगह रामदेव के इस विवाद को तूल दे रहे हैं ! आज…

अब सत्य नहीं शासक की इच्छा पर बोलना होगा ! वैसे तो भारत के संविधान के अनुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है ! पर सूचना मिली है कि सोशल मीडिया के लिये केंद्र सरकार नई गाइड…

बताया गया है कि लोकसभा में किसानों के हितों में तीन बिल (विधेयक) पास हुये हैं ! लेकिन इन विधेयकों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल केंद्रीय मंत्री श्री हरसिमरत कौर बादल ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया…

विषय बड़ा अजीब सा है ! लेकिन अब हमें चिंतन करना होगा कि क्या “वसुधैव कुटुम्बकम्” या “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की संस्कृति वाले देश में अब नर पिशाचों ने कब्जा कर लिया है ! जैसा कि क रोना काल में…

2014 में जब पूर्ण बहुमत की सरकार के साथ गुजरात के अनुभवी मुख्यमंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी ! तब आपसी चर्चा में मैंने कई लोगों से अपना विचार व्यक्त किया था कि जरूरी नहीं…