सारे पूजा अनुष्ठान कुल देवता की पूजा के बिना क्यों व्यर्थ है ? योगेश मिश्र

प्रायः वर्णसंकर संतानों और विधर्मीयों को कहते पाया जाता है कि कुलदेवता आदि का जीवन में कोई महत्व नहीं है | दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि सनातन धर्म का परित्याग कर देने के बाद या…

