Dharmik Mahtav

हमारे इष्ट शिव ही हैं : Yogesh Mishra

जो अभीष्ट को प्राप्त करावा दे, वही इष्ट है ! हमारे इष्ट भगवान शिव हैं ! उन्होंने ही सामान्य मनुष्यों को देवता बना दिया ! इस प्रकृति के क्रोध से सदैव हमारी रक्षा की है ! चाहे हलाहल विष पीना हो या स्वर्ग की देवी गंगा को पृथ्वी पर अवतरित …

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नाग कुल का तात्पर्य सर्प नहीं मनुष्य है : Yogesh Mishra

लोग नाग का तात्पर्य किसी बड़े आकर के सांप से लगते हैं ! जबकि ऐसा नहीं है ! नाग जाति का इतिहास भारत में प्राचीन गौरव का प्रतीक है ! नागों का नाम उसकी नाग पूजा के कारण नही, अपितु नाग को अपना कुल देवता तथा रक्षक मानने के कारण …

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नशेड़ियों की शिव भक्ति : Yogesh Mishra

यह जो माथे पर टीका लगाकर उल्टे सीधे कपड़े पहनकर गले मे रुद्राक्ष जैसी परम पवित्र माला डालकर और नाम के आगे भक्त, महा भक्त, परमभक्त, शिव भक्त लगाकर लोग बैठ जाते हैं ! उन्हें गलती से कभी किसी भूत-प्रेत के भी दर्शन हो गया ! तो वह नकली शिव …

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महामृत्युंजय मंत्र की रचना का रहस्य : Yogesh Mishra

शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे ! विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था ! मृकण्ड ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं ! इसलिये क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्नकर यह विधान बदलवाया जाये ! मृकण्ड ने घोर तप …

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सामाजिक और राजनैतिक संगठनों में मिश्रा ब्राह्मण का महत्व : Yogesh Mishra

ब्राह्मणों को ईश्वर ने अलग-अलग सामाजिक दायित्वों के लिये अलग-अलग गुण-धर्म के अनुसार निर्मित किया है ! यदि ब्राह्मणों में आज भी रक्त की शुद्धता है तो वह गुणधर्म आज भी स्पष्ट देखे जा सकते हैं ! जैसे यजुर्वेद के शुक्ल पक्ष का पूजन कराने वाले ब्राह्मण आज भी अपने …

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विश्व कल्याण बनाम लोक कल्याण : Yogesh Mishra

सनातन धर्म साहित्य में विश्व और लोक में अंतर है ! यहां विश्व का तात्पर्य समस्त भूमंडल के भूभाग से है ! जिसकी एक निश्चित काल पहले उत्पत्ति हुई थी और जो समय-समय पर काल के प्रवाह में अपने स्वरूप को बदलता रहता है और अंततः एक दिन इसका विनाश …

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तैरने वाले पत्थरों से बना रहस्यमयी रामप्पा शिव मंदिर : Yogesh Mishra

सन 1213 में वारंगल, आंध्र प्रदेश के काकतिया वंश के महाराजा गणपति देव को एक शिव मंदिर बनाने का विचार आया ! उन्होनें अपने शिल्पकार रामप्पा को ऐसा मंदिर बनाने को कहा जो वर्षों तक टिका रहे ! रामप्पा ने की अथक मेहनत और शिल्प कौशल ने आखिरकार मंदिर तैयार …

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भारतीय गोवंश ही विश्व में सर्वश्रेष्ठ है : Yogesh Mishra

प्रागैतिहासिक भूविज्ञान के विद्वान हमें अवगत करा चुके हैं कि हमारी पृथ्वी में जीवनस्वरूपों के उद्भव व विकास क्रम के अंतर्गत गोवंश के आदिकालीन पूर्वज ‘औरक्स’ की जन्मस्थली (18 लाख वर्ष पूर्व) भारत है, जहां उसके प्रथम प्रतिनिधि ‘बास प्लैनिफ्रन्स’ ने 15 लाख वर्ष पूर्व अपना पहला कदम रखा था …

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सनातन धर्म कथायें मिथ अर्थात काल्पनिक झूठ नहीं हैं : Yogesh Mishra

मिथकीय नाटक के रूप में प्रस्तुत की जाने वाली धर्म कथा वास्तव में काल्पनिक झूठ नहीं हैं ! असल में मिथ (Myth) एवं मायथोलोजी (Mythology) मूलतः ग्रीक शब्द है ! जो पौराणिक परिकल्पनात्मक कथाओं का बोध करवाता है ! ग्रीक में ‘मुथोस’ तथा लैटिन का ‘मिथास’ मिथ शब्द की उत्पत्ति …

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तिब्बत में था यमलोक : Yogesh Mishra

प्राचीन काल में तिब्बत को त्रिविष्टप भी कहते थे ! यह अखंड भारत का ही हिस्सा हुआ करता था ! कालांतर में सोने के लालच में तिब्बत को चीन ने अपने कब्जे में ले लिया है ! तिब्बत में दारचेन से 30 मिनट की दूरी पर है यमराज के राज्य …

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