संवेदना, विश्वास और जिम्मेदारी
आज के आधुनिक युग में, जहाँ मनुष्य सुख-सुविधाओं से तो घिरा है, लेकिन आंतरिक शांति से कोसों दूर है !
इसका सबसे बड़ा उदहारण शेयर बाजार के बिगबुल और स्टॉक ट्रेडर राकेश राकेश झुनझुनवाला थे जिनके पास मृत्यु के समय स्व अर्जित सम्पत्ति 4,85,56,75,90,000.00/- ₹ (चार खरव पिच्चासी अरब छप्पन करोड़ पचहत्तर लाख नव्वे हजार रु) थी, उन्होंने जब अस्पताल में स्वयं को मरते हुये देखा तो अहसास किया कि मुझे जो अपने पहचान और पैसे पर गर्व था, वह मृत्यु के सामने सबसे बड़ा झूठा और बेकार की बात है।
कोई भी पैसे से जीवन नहीं खरीद सकता है ! आप बिजनिस क्लास या इकोनॉमी क्लास में उड़ान भरें, अगर विमान नीचे गिरता है, तो मरना सभी को पड़ता है।
इसलिये इस सत्य को जल्दी से जल्दी जान लीजिये कि जो सच्ची आंतरिक खुशी किसी की मदद से मिलती है वह कभी भी इस दुनिया की भौतिक वस्तुओं से नहीं मिल सकती है।
इसलिये स्वयं के साथ संवेदनशील बनो, दूसरों के मदद की इच्छा रखो, समाज के प्रति जिम्मेदारी उठाओ, वस्तु के मूल्य नहीं उपयोगिता को महत्व दो, सर्वस्व को स्वीकार करो यही जीने का सही तरीका है !
सदैव याद रखना यह संसार सत्य नहीं मिथ है, यह माया है जो तुम्हें शिव की कृपा के बिना कभी भी सत्य तक नहीं पहुँचाने देगी !
और जो सत्य को नहीं समझ पाया उसका जीना व्यर्थ है !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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