एक सर्कस में बहुत से जोकर काम करते थे ! उनमें से 6 जोकर एक ही क्षेत्र के थे, अतः उनमें बहुत अच्छी दोस्ती थी ! कोरोना काल में जब सर्कस के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लग गया, तब अचानक इन 6 जोकरों को दिव्य ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा हुई !
अत: उन्होंने निश्चय किया कि वह किसी दिव्य गुरु से दिव्य ज्ञान प्राप्त करेंगे ! संयोग से उन्हें पता लगा कि एक दिव्य गुरु ऑनलाइन दिव्य ज्ञान के क्लासेस लेता है ! उन सभी ने गुरु जी के ऑनलाइन क्लासेस को ज्वाइन कर लिया !
धीरे-धीरे 3 साल का समय बीत गया ! तब इन 6 जोकरों ने गुरु जी के कार्यशैली और सम्पन्नता को देखकर यह निश्चय किया कि क्यों न हम लोग भी अपनी ऑनलाइन क्लास शुरू करके करोड़पति बन जायें !
अत: इन सभी ने एक योजना बनाई एक व्यक्ति इन सभी में ज्योतिषी बनेगा और बाकी पांच लोग उसके लिए जगह-जगह घूम घूम कर ग्राहक इकट्ठे करने लगे !
काम शुरू हो गया, 6 महीने बीत गये, लेकिन यह लोग कोई ग्राहक नहीं ढूंढ पाये ! तब इन 6 जोकरों ने मिलकर योजना बनाई “क्यों न अपने ही गुरु जी को बदनाम करके हम लोग गुरु जी के सभी साथी शिष्यों को अपनी तरफ मिला लें !”
गुरु जी को बदनाम करने की योजना के तहत तरह-तरह की फर्जी कहानियां गढ़ के गुरु जी के सभी शिष्यों से व्हाट्सएप, ईमेल, के माध्यम से संपर्क किया गया ! कुछ लोगों से डायरेक्ट फोन पर भी बात की गई और कुछ लोगों को तो ज़ूम मीटिंग में भी इकठ्ठा कर लिया गया !
लेकिन गुरु जी के समर्पित शिष्यों ने इन 6 जोकरों को अपमानित करके इनसे संपर्क तोड़ दिया !
अब यह 6 जोकर “ठग्गू गुरु” बनते बनते रह गये ! आज यह 6 जोकर डिप्रेशन की दवा खा – खा कर अपनी जिंदगी काट रहे हैं !
शिक्षा :-
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि यह कभी भी नहीं समझना चाहिए कि जिस तरह मैं स्वयं “गुरु द्रोही” हूं, उस तरह अन्य लोग भी “गुरु द्रोही” हो जायेंगे !
आज भी इस संसार में बहुत से ऐसे शिष्य हैं, जो अपने गुरु के सम्मान की रक्षा के लिये जान भी दे सकते हैं ! इसलिए इन 6 जोकरों को यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति को उसके गुरु के खिलाफ भड़काया नहीं जा सकता है !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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