जब आप भगवान शिव का कार्य करते हैं, तो आप जिस किसी भी कार्य को कर रहे होते हैं, उसमें भगवान शिव आपके सहायक हो जाते हैं !
जैसेआप कोई विद्यालय चलते हैं और आपको यह निरंतर चिंता बनी रहती है कि हमारे विद्यालय में पर्याप्त छात्र कैसे प्रवेश लेंगे !
अब आप जब निष्कपट भाव से भगवान शिव का कार्य करना आरंभ करते हैं तो भगवान शिव आपको किसी ऐसे व्यक्ति या एजेंसी से मिलवा देते हैं, जो आपको आपकी जरूरत से अधिक छात्र उपलब्ध करवा देते हैं !
दूसरा उदाहरण जैसे कि आप ठेकेदारी का कार्य करते हैं और आपको लंबे समय से कोई बड़ा ठेका नहीं मिला है ! आप भयंकर आर्थिक दिक्कत में आ गये हैं !
अब आप भगवान शिव का कार्य करते हैं तो भगवान शिव की कृपा से आपको अप्रत्याशित रूप से कुछ ऐसे बड़े ठेके मिल जाते हैं, जिससे आपका जीवन सहज हो जाता है !
भगवान इस तरह की मदद विपरीत ग्रह स्थितियों में भी अपने भक्तों की समय-समय पर करते रहते हैं !
गरीब भक्त को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हैं ! नि:संतान व्यक्ति को संतान उपलब्ध कराते हैं ! आपको भयंकर रोगों से बचा कर आपको स्वस्थ्य प्रदान करते हैं ! आपके व्यापार व्यवसाय को विकसित करने में भगवान शिव आपकी बहुत ही सहायक होते हैं ! वह पर्याप्त यश उपलब्ध करवाते हैं और जीवन के संघर्ष को कम कर देते हैं !
इसके विपरीत जो व्यक्ति शिव भक्तों को अनावश्यक परेशान करते हैं, भगवान शिव उन परेशान करने वालों के जीवन में अनावश्यक संघर्ष बढ़कर उन्हें नित्य नये नये परेशानियों में उलझा देते हैं ! यही शिव के कार्य कारण की व्यवस्था है, इससे कोई नहीं बच सकता है !
इसके हजारों उदाहरण मैंने अपने जीवन काल में देखे हैं ! आप सभी पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे, ऐसी मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं !
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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