भारत का धर्म व्यवसाय ही भारत के विकास में बाधा है

जब समाज को केवल चमत्कारों, पौराणिक कथाओं और कर्मकांडों में उलझा कर रखा जाता है, तो वहां वैज्ञानिक सोच और सवाल पूछने की प्रवृत्ति का विकास धीमा हो जाता है।

किसी भी आधुनिक राष्ट्र के विकास के लिए विज्ञान, तकनीक और नवाचार आवश्यक हैं, न कि केवल भाग्य या चमत्कारों पर निर्भरता।

धार्मिक कथाओं में अक्सर नियति, भाग्य और पूर्व-जन्म के कर्मों पर बहुत जोर दिया जाता है। आलोचकों का मानना है कि इसका नकारात्मक प्रभाव यह होता है कि लोग अपनी वर्तमान समस्याओं (जैसे गरीबी, बेरोजगारी, या शोषण) के खिलाफ संघर्ष करने या सत्ता से सवाल पूछने के बजाय, उसे अपनी नियति मानकर स्वीकार कर लेते हैं। इससे व्यवस्था में बदलाव की मांग कमजोर पड़ जाती है।

समाज का एक वर्ग यह तर्क देता है कि बड़े पैमाने पर होने वाले धार्मिक आयोजनों, कथाओं और आडंबरों में जो अथाह धन, समय और ऊर्जा खर्च होती है, यदि उसे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन में लगाया जाए, तो देश का भौतिक विकास अधिक तेजी से हो सकता है।

यह समझना आवश्यक है कि भारत के विकास में असली बाधा कोई एक समुदाय या केवल कथा-वाचन नहीं है। भ्रष्टाचार, खराब नीतियां, लालफीताशाही, बुनियादी ढांचे की कमी, गरीबी और अशिक्षा जैसी समस्याएं विकास के बहुत बड़े अवरोधक हैं, जिन्हें किसी एक समूह तक सीमित नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर, सांस्कृतिक दृष्टिकोण से, कथाएं और प्रवचन सदियों से समाज में नैतिक मूल्य स्थापित करने, मानसिक शांति देने और सामाजिक जुड़ाव का माध्यम भी रहे हैं।

भारत का वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखते हुए भी अंधविश्वासों को खारिज करे और संविधान में वर्णित ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना’ (अनुच्छेद 51A) को अपने जीवन का आधार बनाए।

लेकिन मेरी राय में किसी एक वर्ग पर दोषारोपण करने के बजाय, शिक्षा, समानता और तार्किक सोच पर जोर देना विकास का सही मार्ग है।

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये

मोबाईल : 9453092553

Share your love
yogeshmishralaw
yogeshmishralaw
Articles: 2614

Newsletter Updates

Enter your email address below and subscribe to our newsletter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *