महाशिवरात्रि पूजन विधान

महाशिवरात्रि शैव का एक प्रमुख त्यौहार है । इसी दिन भगवान शिव ने जीव को प्रशिक्षित करने के लिये सृष्टि की शुरुआत की थी इसी लिये इसे शैवों के नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है !

यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है जिसे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाया जाता है । इस समय ब्रह्माण्डीय ऊर्जा पृथ्वी के सबसे निकट रहती है ! इसका लाभ हर जीव को उठाना चाहिये !

वर्ष 2025 के महा शिवरात्रि का पूजन महूर्त 26 फरवरी 2025 बुधवार को मध्य रात्रि 12:09 मिनट से लेकर 12:59 तक 50 मिनट का “निशिता काल” में होगा ! ( भारतीय समय के अनुसार )

इस समय सभी साधकों को उपजिह्वा अवस्था में रह कर भगवान शिव के समक्ष गहन ध्यान करना चाहिये !

जो यह न कर सकें, उन्हें रुद्राक्ष की माला से “ॐ नम: शिवाय: पञ्चाक्षर मन्त्र का जाप करना चाहिये !

यदि स्वयं अनुष्ठान कर रहे हैं तो इस समय “रुद्राभिषेक” भी कर सकते हैं !

भगवान शिव तथा पितरों को चावल की खीर का भोग लगा कर वह भोग गाय या जीव जंतु को भोजन हेतु देना चाहिये !

शेष अतिरिक्त बचे हुये खीर को अगले दिन प्रात: स्नान के बाद परिवार सहित प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिये !

सचिव

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

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