विचार और वृत्ति दोनों अलग-अलग हैं ! प्राय: लोग यह मानते हैं कि विचार को बदलने से जीवन को बदला जा सकता है !
लेकिन जीवन के सूक्ष्म दर्शन में यह पाया गया है कि विचारों को बदलने से जीवन में स्थाई रूप से कोई बदलाव नहीं होता है !
विचार निरंतर गतिशील हैं, यह अस्थाई हैं ! देश, काल, परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं ! इसलिए विचारों को बदलने से किसी के जीवन में कोई स्थाई परिवर्तन नहीं होता है !
अतः व्यक्ति को विचार बदलने से अधिक अपने वृत्ति को बदलने पर ध्यान देना चाहिए !
क्योंकि हमारी वृत्ति ही हमें सफल या असफल बनाती है !
प्रश्न यह है कि वृत्ति होती क्या है ?
वृत्ति का तात्पर्य आपके जन्म जन्मांतर से संचित किए गए संस्कारों से उत्पन्न आपके काम करने की प्रवृत्ति को प्रेरित करने वाली ऊर्जा है !
क्योंकि यह जन्म जन्मांतर से संस्कार के रूप में संग्रहित ऊर्जा निश्चित रूप से आपके विचारों के अधीन नहीं है !
इसलिए यदि आप अपने विचारों को बदलकर अपने जीवन को बदलना चाहते हैं तो यह एक भ्रम है, भ्रांति है और इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा !
इसी वजह से मोटिवेशनल स्पीकर जो अपना वक्तव्य देते हैं, उसके द्वारा आप उनके विचारों से प्रभावित होकर अस्थाई रूप से कुछ समय के लिए तो अपने को बदला हुआ महसूस करते हैं ! लेकिन फिर धीरे-धीरे अपनी पुरानी स्थिति में पुनः आ जाते हैं !
क्योंकि हम लोग अज्ञानता वश दूसरों के गलत तरह से समझाने के कारण अपने विचारों पर काम करते हैं ! जबकि आवश्यकता है, हमें अपने वृत्ति पर काम करने की !
जब तक हम अपने वृत्ति पर काम नहीं करेंगे, तब तक हम अपने जीवन को नहीं बदल सकते हैं ! इसके लिए संस्थान में समय-समय पर संस्कार चिकित्सा की कक्षाएं चलाई जाती हैं, जिनमें आप अपने वृत्ति को बदलने का प्रशिक्षण ले सकते हैं !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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मोबाईल : 9453092553
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www.sanatangyanpeeth.in
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