जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही योजना, गहरे अनुभव, उत्साह और स्फूर्ति की जरुरत है ! जो प्राय: हर व्यक्ति में नहीं होता है !
किसी भी बड़े लक्ष्य में ऐसे लोग साथ हो तो लेते हैं, लेकिन उनकी मूल वृत्ति स्वार्थी, खुदगर्ज और चालाकी से भरी होती है ! साथ ही लक्ष्य निष्ठा के आभाव में उनकी गति भी बहुत सुस्त होती है ! वह लक्ष्य की जगह अपने मौज मस्ती पर अधिक ध्यान देते हैं !
इसीलिये न जाने कितने साथी लक्ष्य मिलने के पहले ही पीछे छूट जाते हैं । इसके अलावा ऐसे लोग प्राय: अज्ञात भय से भयभीत होते हैं, वह किसी भी नये दृष्टिकोण को अपनाने में कतराते हैं । वह सदैव असफलता को मान सम्मान से जोड़ कर देखते हैं, इसलिये असफल होने के डरते हैं ! यह अज्ञात डर ही उन्हें उत्साहहीन कर देता है, और वह धीरे धीरे अपने लक्ष्य यात्रा से कतराने लगते हैं !
लेकिन समय का चक्र किसी के लिए नहीं रुकता। यदि आपका लक्ष्य बड़ा है, तो आपको अनिवार्य रूप से साहसी कदम उठाने होंगे। जो साथी आपके साथ तालमेल बिठाने और बदलने को तैयार नहीं हैं, उन्हें उनके हाल पर छोड़कर आगे बढ़ना ही जीवन का नियम है।
जीवन में आगे बढ़ने के लिए कभी-कभी ‘अकेले चलने का साहस’ ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनता है। जब आप शिखर पर पहुँचते हैं, तभी आप दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन पाते हैं। इसलिये किसी के मोहा में रुकिए मत निरंतर अपने लक्ष्य की बढ़ते रहिये, आप जीवन में अवश्य सफल होंगे यही ईश्वर की व्यवस्था है !
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
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