प्रायः लोग पूछते हैं कि हम अपना आत्म उत्थान कैसे करें, इसके लिए हमें क्या करना होगा ? आज इस विषय पर चर्चा करता हूं !
अपना आत्म उत्थान करने के लिए सबसे पहले तो आप मेरे होने वाले प्रवचनों में नियमित रूप से शामिल होना शुरू कीजिए और इन प्रवचनों को बार-बार सुनिये ! जिससे साधना की सही पध्यति ज्ञात हो सके !
यदि इन प्रवचनों को नियमित रूप से सुनते हैं तो आपके मस्तिष्क के अंदर सुषुप्त अवस्था में पड़ी हुई ईश्वरी ऊर्जा सकारात्मक रूप से सक्रिय हो जाएगी !
जो आपके अंदर दर्जनों तरह के सकारात्मक रसायनों (हार्मोन) का निर्माण और प्रवाह करेगी, जिससे आप स्वत: ही ईश्वर के निकट होते चले जाएंगे !
फिर आप स्वयं “ब्रह्मास्मि क्रिया योग” की साधना करके अपने आप में ईश्वर द्वारा हो रहे स्वाभाविक परिवर्तन को महसूस कीजिए ! जिससे साधना के कपोल कल्पित भ्रम के मार्ग से बच सकें !
फिर साधना द्वारा आपना उत्थान कीजिए ! आत्म उत्थान कीजिए ! जिससे दूसरे लोग आपको अपना आदर्श स्वतः ही मानने लगें !
इसके उपरांत आप यदि एकल साधना करना चाहते हैं तो संसार और परिवार के साथ साधना पूर्ण जीवन यापन कीजिये !
और यदि लोकहित की भावना रखते हैं, तो आपको संस्थान की अनुमति से अपना एक जन संपर्क केंद्र स्थापित करना चाहिए !
इस जनसंपर्क केंद्र के माध्यम से आप समाज के बहुत बड़े वर्ग से जोड़कर आप अपने आत्म उत्थान के साथ समाज का भी उत्थान कर सकते हैं !
इस कार्य से आप “ऋषि ऋण” से मुक्त होकर समाज में यश प्राप्त करते हुए अपने को मुक्ति के मार्ग पर बढ़ाते हुये ईश्वरीय सत्ता को प्राप्त कर सकते हैं !
यह अपना आत्म उत्थान करने का बहुत ही सरल और स्वाभाविक तरीका है !!
योगेश कुमार मिश्र
संस्थापक
सनातन ज्ञान पीठ
ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान
कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये
मोबाईल : 9453092553
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www.sanatangyanpeeth.in
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