तंत्र से धन प्राप्ति का सुगम तरीका

सनातन शास्त्रों में धन को “लक्ष्मी” कहा गया है और माता लक्ष्मी सर्वशक्ति संपन्न भगवान विष्णु की “पत्नी” हैं !

अतः धन प्राप्ति के लिए किसी भी पूजन या तंत्र का प्रयोग करने के पूर्व यह परीक्षण कर लेना परम आवश्यक है कि क्या आप माता लक्ष्मी को प्राप्त कर लेने के बाद उसका इस माया क्षेत्र में समुचित सम्मान कर पाएंगे !

क्योंकि यह पाया गया है कि प्राय: बहुत सारे लोग धन प्राप्त कर लेने के बाद उसका उपयोग शराब खाने, जुआ घर या वेश्यालय में करते हैं !

क्या माता लक्ष्मी इन विकृत स्थान पर दिये जाने का विषय है !

इसलिए धन प्राप्ति की इच्छा से पुरुषार्थ करने के बाद भी बहुत से व्यक्ति धन के अभाव में ही जीवन बिता देते हैं,

क्योंकि उन्हें धन को सही जगह खर्च करने की कला नहीं आती है !

 इसलिए कुण्डली में धन प्राप्ति का योग होते हुये भी माता लक्ष्मी की कृपा उन पर नहीं होती है !

ऐसे व्यक्तियों को मेरा यह सुझाव है कि अनावश्यक पूजा पाठ में धन व्यय करने के स्थान पर सर्वप्रथम उन्हें अपने आहार, विहार और विचार को शुद्ध करना चाहिए !

अर्थात मांसाहार या निकृष्ट भोजन का त्याग कर, धूर्त और नकारात्मक व्यक्तियों की संगति छोड़ देना चाहिए तथा विचारों में सभी के प्रति सहयोग का भाव रखना चाहिए, न कि धूर्तता और मक्कारी का !

साथ ही हल्के रंग के सामान्य काटन वस्त्र को पहनना चाहिए, नित्य दूध और गुलाब जल को मिलाकर स्नान करना चाहिए और नियमित रूप से माता लक्ष्मी की पूजा करके उन्हें “इत्र” भेंट करना चाहिये तथा उस “इत्र” को अपने वस्त्रों पर आशीर्वाद स्वरूप लगाना चाहिए ! जिससे आप पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी !

यह मेरे निजी अनुभव है कि मात्र इतना करने से आप पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होने लगती है और आपके जीवन में विपरीत ग्रह योग होने के बाद भी धन आगमन की सभी समस्यायें दूर हो जाती हैं !

धन्यवाद

योगेश कुमार मिश्र

संस्थापक

सनातन ज्ञान पीठ

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान

कुण्डली परामर्श हेतु सम्पर्क कीजिये

मोबाईल : 9453092553

और अधिक जानकारी के लिये पढ़िये

www.sanatangyanpeeth.in

Share your love
yogeshmishralaw
yogeshmishralaw
Articles: 2491

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *