
राष्ट्र में ब्राह्मण नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा : Yogesh Mishra
भारत का मनुष्य अपनी असफलता और बुराई का दोष भाग्य और ईश्वर को देता है समाज…

भारत का मनुष्य अपनी असफलता और बुराई का दोष भाग्य और ईश्वर को देता है समाज…

सवर्णों में एक जाति ब्राह्मण है ! जिस पर सदियों से राक्षस, पिशाच, दैत्य, दानव, यवन,…

प्रकृति की व्यवस्था यदि पूर्वाग्रही होकर देखा जाये तो अत्यंत जटिल है ! अन्यथा तटस्थ भाव…

‘यथा ब्रह्माण्डे तथा पिण्डे’ -चरक संहिता का यह श्लोकांश हमें समझाता है कि जो-जो इस ब्रह्माण्ड…

“म्लेच्छ” शब्द का अर्थ है वह व्यक्ति जिसकी इच्छा मल की तरह दूषित हो अर्थात सामाजिक…

लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बने रहने के लिये…

संस्कृत में “अछूत” को “अस्पृश्य” कहते हैं ! किसी भी वैदिक ग्रन्थ में “अस्पृश्य” शब्द का…

इराक का एक पुस्तक है जिसे इराकी सरकार ने खुद छपवाया था ! इस किताब में…

मत्स्य पुराण में वर्णन है कि जब प्रलय आता है ! युग का अंत होता है…