
शैव ग्राम सह अस्तित्व का प्रतीक
मनुष्य इस विशाल पृथ्वी पर एकाकी जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। हमारे अस्तित्व का आधार केवल…

मनुष्य इस विशाल पृथ्वी पर एकाकी जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। हमारे अस्तित्व का आधार केवल…

आज वृन्दावन से एक कथा वाचक का फोन आया था ! उनकी इच्छा थी कि वह…

प्रश्न : – किसी जिज्ञासु ने जानना चाहा है कि शैव ग्राम में साधकों के लिये…

वर्तमान में शैव ग्राम कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 700 फोन कॉल्स प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें…

शैव ग्राम कोई धार्मिक जगह नहीं है । यह जीवन प्रबंधन को सीखने और अभ्यास करने…

यह कथन पहली नज़र में विरोधाभासी लग सकता है कि एक आदर्श समाज (शैव ग्राम) को…

भगवान शिव, जिन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है, वह सरलता, वैराग्य और असीम करुणा…

शैव ग्राम भारत में एक “निष्काम कर्म” आधारित “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सेवा परमो धर्म:” के दर्शन…

आज के युग में युवाओं को केवल रोजगार के लिए ‘नौकर’ नहीं, बल्कि समाज का नेतृत्व…