
समझिये । भविष्य जानने के लिए कुंडली मे कारक ग्रहों की क्या भूमिका है । Yogesh Mishra
भविष्य कथन में कारक ग्रहों की भूमिका फलादेश करते समय कौन ग्रह कहाँ बैठा है इसकी…

भविष्य कथन में कारक ग्रहों की भूमिका फलादेश करते समय कौन ग्रह कहाँ बैठा है इसकी…

प्रत्येक व्यक्ति के जन्म के समय अलग-अलग ग्रहीय ऊर्जायें पृथ्वी पर रहती हैं, जिनके प्रभाव से…

वैदिक ‘पंचांग’ ही सही है हिंदू पंचांग की उत्पत्ति वैदिक काल में ही हो चुकी थी।…

मंत्र शक्ति का वैज्ञानिक विशलेषण मंत्र ध्वनि-विज्ञान का सूक्ष्मतम विज्ञान है मंत्र-शरीर के अन्दर से सूक्ष्म…

स्वास्तिक शुभ का प्रतीक स्वास्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल प्रतीक माना जाता…

आदि में जब एकमात्र परमात्मा ही थे, तब तो केवल प्रभाव ही प्रभाव था। उसके बाद…

कलेंडर की गणना गलत है 200 सालों तक तो इसी बात पर यूरोप में युद्ध चलता…

॥ कर्ण पिशाचिनी साधना ॥ यह अत्यंत उग्र साधना है और शीघ्र फलप्रद है,इस साधना से…

सनातन जीवन पद्धति में भिक्षा का महत्व भिक्षा सनातन शिक्षा पद्धति का आवश्यक अंग था क्योंकि…