कोरोना से भगवान शिव ही हमारी रक्षा करेंगे : Yogesh Mishra

ऐसा नहीं है कि इस पृथ्वी पर पहले कभी महामारी नहीं आयी या भविष्य में अब कभी नहीं आयेगी ! यह महामारी का क्रम मनुष्य की उत्पत्ति के साथ सदैव से चला आ रहा है और जब तक मनुष्य है…

ऐसा नहीं है कि इस पृथ्वी पर पहले कभी महामारी नहीं आयी या भविष्य में अब कभी नहीं आयेगी ! यह महामारी का क्रम मनुष्य की उत्पत्ति के साथ सदैव से चला आ रहा है और जब तक मनुष्य है…

भारत वर्ष जो कभी विश्व गुरु रहा है ! जहां कभी चाणक्य जैसे राजनीतिज्ञ, पुष्यमित्र और विक्रमादित्य जैसे राजा, राणा प्रताप और शिवाजी जैसे योद्धा, महर्षि भरद्वाज और विश्वामित्र जैसे वैज्ञानिक, वराह मिहिर और महर्षि अगस्त्य से ज्योतिषी, चरक और…

बताया गया है कि लोकसभा में किसानों के हितों में तीन बिल (विधेयक) पास हुये हैं ! लेकिन इन विधेयकों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल केंद्रीय मंत्री श्री हरसिमरत कौर बादल ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया…

जैसा कि मैने एक वर्ष पूर्व के लेखों में बतलाया था कि जब 23 सितम्बर 2020 से राहू भारत के कुण्डली के लग्न वृषभ राशि में गोचर करेंगे तथा 11 फरवरी 2021 अमावस्या के दिन 6 ग्रह सूर्य, चंद्रमा, बुद्ध,…

जैसा कि आपको वैष्णव कथा वाचकों द्वारा बतलाया गया है कि पृथ्वी पर विष्णु ने बार-बार धर्म की स्थापना के लिये विधर्मियों के साथ 12 महा युद्ध लड़े ! जिसके लिये विष्णु को 8 अलग-अलग अवतार लेने पड़े ! लेकिन…

पूरी दुनिया में बस सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है ! जहां पर व्यक्ति संपूर्ण संपन्नता के बाद भी त्याग का जीवन जीना पसंद करता है ! इसका मूल कारण यह है कि हमारे आदर्श रहे भगवान श्री राम…

स्वयं महर्षि वाल्मीकि ने रावण की प्रशंसा करते हुये कहा है कि उनमें दस गुण थे ! जो उसके दस सिर का प्रतीक थे ! उनके अनुसार रावण महापंडित, महायोद्धा होने के साथ साथ सुन्दर, दयालु, तपस्वी, उदार हृदय के…

भारत की आजादी के बाद विश्व के धरातल पर स्थापित हुआ छोटा सा देश इजरायल आज विश्व की महाशक्तियों में गिना जाने लगा है ! इसके पीछे इजराइल के नागरिकों का राष्ट्र के प्रति समर्पण और इसराइल के योजनाकारों के…

सभी वैष्णव इतिहासकारों ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम और रावण को खलनायक बतलाया ! जबकि यह मात्र उस युद्ध का परिणाम था, जो इंद्र के अहंकार के कारण हुआ था ! उस समय पृथ्वी पर अनेक संस्कृतियों अपने-अपने तरीके से…

कोई भी राष्ट्र न तो संविधान से चलता है और न ही प्रशासन से चलता है ! राष्ट्र हमेशा नागरिकों की निष्ठा और समर्पण से चलता है ! किसी भी राष्ट्र में जब तक राष्ट्र के आम नागरिकों का समर्पण…