फेसबुक कलह केंद्र कैसे बना : Yogesh Mishra

मैने अपने निजी संज्ञान में वर्ष 2011 जनवरी से फेसबुक प्रयोग कर रहा हूं ! उस समय भारत में गिने-चुने बुद्धजीवी लोग ही फेसबुक का प्रयोग किया करते थे और जो लोग प्रयोग किया करते थे ! वह सामान्यतया समाज…

मैने अपने निजी संज्ञान में वर्ष 2011 जनवरी से फेसबुक प्रयोग कर रहा हूं ! उस समय भारत में गिने-चुने बुद्धजीवी लोग ही फेसबुक का प्रयोग किया करते थे और जो लोग प्रयोग किया करते थे ! वह सामान्यतया समाज…

इस समय सम्पूर्ण विश्व में करोना काल का द्वितीय वर्ष चल रहा है ! अभी आगामी 3 वर्ष तक करोनाकाल का प्रभाव पूरे विश्व में रहेगा ! यह हम भारतीयों के लिए एक सुनहरा अवसर है ! विश्व विजेता बनने…

रक्ष संस्कृति का स्वामी रावण महापंडित था ! उसकी अपनी विशाल सेना थी ! जिसमें दूसरे लोक के सैनिक भी थे ! उसने कई युद्ध लड़े थे ! भगवान राम ने इन्द्र के उकसाने पर 300 से अधिक वैष्णव राजाओं…

इस समय भारत की कुल आबादी लगभग 15 करोड़ थी ! लोग छोटे-छोटे गांवों में रहकर खेती किसानी करके अपना जिनको जीवकोपार्जन करते थे ! अकबर का शासन काल था और अकबर ने “दीन ए इलाही” धर्म की ओट में…

मारण तंत्र तंत्र की निकृष्टतम विधा है अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाये तो जब तंत्र की अन्य सभी विधायें आप के उद्देश्य की पूर्ति नहीं करा पा रही है तब व्यक्ति को अपने व अपने परिवार या अपने राष्ट्र…

श्रीलंका को भगवान शिव ने बसाया था ! शिव की आज्ञा पर विश्वकर्मा ने वहां पर एक सोने के महल का निर्माण किया था ! जिसे रावण के पिता ऋषि विश्रवा ने भगवान शिव से दान में मांग लिया था…

रावण ने ब्रह्मा जी से अमृत ज्ञान का वरदान मांगा था और उस ज्ञान से निर्मित उस सिद्ध अमृत को उसने अपनी नाभि में रख लिया था ताकि उसकी मृत्यु न हो सके ! इसी सिद्ध अमृत साधना से उसके…

मारण तंत्र का उपचार करने उपरांत भी व्यक्ति की मृत्यु क्यों हो जाती है मेरे शिष्य बलजीत जी के मित्र के पिताजी पर मारण तंत्र का प्रयोग किया गया था ! जो कि लगभग डेढ़ माह से तंत्र के प्रभाव…

आजकल कोविड-19 के प्रभाव से समाज में बहुत बड़े पैमाने में लोगों की आकस्मिक मृत्यु हो रही है ! जिसको लेकर प्राय: लोग यह प्रश्न करते हैं कि यदि मंत्र तंत्र में शक्ति है तो भारत के ऋषि, मुनि, ज्ञानी,…

मंदोदरी संहिता : Yogesh Mishra क्या आपने कभी विचार किया कि रावण जैसा अभूतपूर्व ब्राह्मण विद्वान् जिसने अनेकों नयी विद्याओं की खोज की थी तथा अपने उस ज्ञान के द्वारा जिन विधाओं का निर्माण किया था ! वह सब कहां…