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सम्पूर्ण विश्व में रहा है भगवान श्री राम का प्रभाव !! Yogesh Mishra

सम्पूर्ण विश्व में रहा है भगवान श्री राम का प्रभाव !! विभिन्न देशों की राम कथा यह सिद्ध करती है कि लगभग 3,000 वर्ष पूर्व सम्पूर्ण विश्व में सनातन धर्म ही था ! तभी तो गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस…

‘जाग्रत सरस्वती यंत्र’ से पाइये जीवन में सफलता | Yogesh Mishra

आज प्रतियोगिता का दौर है ! समाज के मध्यम परिवार का व्यक्ति अपने जीविकोपार्जन के लिए तरह-तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना करता है ! प्राय: देखा जाता है कि व्यक्ति में योग्यता, क्षमता, प्रतिभा होते हुए भी वह प्रतियोगी…

“शिव लिंग” खड़ा और “वैष्णव लिंग” पड़ा क्यों होता है !!

क्या आपने कभी विचार किया कि मंदिरों में स्थापित शिव लिंग की बिटिया “ऊर्ध्व दिशा” के रूप में सीधी आकाश की ओर खड़ी क्यों होती है और वैष्णव लिंग अर्थात सामान्य बोलचाल की भाषा में “शालिग्राम” की बिटिया लेटी हुई…

जानिये संस्कृत भाषा का अनकहा सत्य | Yogesh Mishra

देव भाषा “संस्कृत” विदेशी भाषा है ! ज्ञान की अनादि देवी कही जाने वाली “माँ सरस्वती” ही एक मात्र ऐसी देवी हैं जिन्होंने ने कोई भी अस्त्र-शस्त्र धारण नहीं किये हैं और न ही कभी कोई युद्ध किया है !…

हनुमान जी बंदर नहीं थे | पढ़े पूरा सत्य | Yogesh Mishra

महर्षि गौतम की पत्नी अहल्या के साथ जब इंद्र ने छल किया, तब तक अहल्या को दो संताने प्राप्त हो चुकी थी ! उनमें से एक तो “शतानन्द” माता सीता के पिता राजा जनक के यहां राजपुरोहित घोषित हुये और…

“हिन्दुओं” से “हिन्दुत्व” का अपरहण | Yogesh Mishra

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सी0आई0ए0 द्वारा जारी “वर्ल्ड फैक्ट बुक” की रिपोर्ट के अनुसार “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिये प्रयास रह एक “हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन” है ! जिसे आरo एसo एसo भी कहते हैं !…

रावण की हत्या का एक अनकहा सत्य | अवश्य देखें | Yogesh Mishra

रावण “वैष्णव संस्कृति” का विरोधी क्यों था ! “यक्ष” बनाम “रक्ष” संस्कृति जैसा कि हमारे पुराण बतलाते हैं कि भगवान सूर्य का विवाह विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा से हुआ ! विवाह के बाद संज्ञा ने वैवस्वत और यम (यमराज) नामक…

कैसे मस्ती और अय्याशी के अड्डे बने “धार्मिक अखाड़े” !! Yogesh Mishra

आदि गुरू शंकराचार्य का जन्म आठवीं शताब्दी के मध्य में हुआ था ! तब भारतीय जनमानस की धार्मिक दशा और दिशा अच्छी नहीं थी ! भारत की धन संपदा से खिंचे आक्रमणकारी यहाँ से खजाना लूट लूट कर ले जा…

”गोडसे” जैसों को आखिर क्यों हथियार उठाना पड़ता है | Yogesh Mishra

विश्व में जिस तरह “एडोल्फ हिटलर” को आज एक विलेन के रुप में देखा जाता है, उसी तरह भारत की राजनीतिक में राष्ट्रभक्त “नाथूराम गोडसे” को भी एक विलयन के रुप में देखा जाता है | प्रश्न यह है कि…

गाँधीवध पर कांग्रेसियों द्वार ब्राह्मणों का सबसे बड़ा कत्लेआम ! Yogesh Mishra

मुस्लिम तुष्टीकरण की पराकाष्ठ पर पहुँचे गाँधी का 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे चित्तपावन ब्राह्मण ने राष्ट्र हित में नई दिल्ली के बिरला भवन में गोली मारकर वध कर दिया ! फिर क्या था गाँधी के अहिंसक गांधीवादी अनुयाईयों…