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सनातन धर्म के रक्षार्थ विलुप्त होती ज्योतिष विद्या को पुनर्जीवित करना होगा ! Yogesh Mishra

सृष्टि का गतिचक्र एक सुनियोजित विधि-व्यवस्था के आधार पर चल रहा है। ब्रह्माण्ड अवस्थित विभिन्न नीहारिकाएं-गृह, नक्षत्रादि परस्पर सहकार सन्तुलन के सहारे निरन्तर परिभ्रमण-विचरण करते रहते हैं। जिस ब्रह्माण्ड में मनुष्य रहता है उसकी अपनी परिधि एक लाख प्रकाश वर्ष…

ज्योतिष के बिना आयुर्वेद और चिकित्सा शास्त्र से अधूरा है ! Yogesh Mishra

प्राचीन काल से ज्योतिष का प्रयोग विविध प्रयोजनों के लिए किया जाता रहा है ! आज जैसे भौतिक विज्ञान का विकास न होते हुए भी वह इतना सक्षम है कि उसका अवलम्बन लेकर कितने ही महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किये जा…

अन्तरिक्ष के अज्ञात अनोखे ग्रहों का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ! Yogesh Mishra

पुराणों के अनुसार हमारे जीवन पर 21 ग्रहों का प्रभाव पड़ता है ! जबकि हम ज्योतिष में मात्र 7 पिंड ग्रह और 2 प्रतीक ग्रहों की ही गणना करते हैं ! शेष ग्रह पर भी विचार किया जाना चाहिये !…

अवश्य पढ़िए युगद्रष्टा का एक सुझाव | Yogesh Mishra

युगद्रष्टा वह व्यक्ति होता है जिसकी युग को देखने व परखने वाली अलग तरह की नज़र रखता है ! ऐसा व्यक्ति युग की नब्ज को पहचानकर समस्याओं से लोगों को अवगत करवाता है ! युगद्रष्टा व्यक्ति दूरगामी सोच रखते हैं…

जानिये साधक समाज में लोगों से मिलना-जुलना क्यों छोड़ देते हैं ! Yogesh Mishra

आपने देखा होगा कि जब कोई संत अपने साधना की पराकाष्ठा पर पहुंच जाता है, तो वह समाज के अन्य व्यक्तियों के साथ मिलना जुलना लगभग बंद कर देता है ! इसका मुख्य कारण क्या है ? गहराई से चिंतन…

ध्यान से होती है बिना दवा के असाध्य रोगों की चिकित्सा कैसे करें | Yogesh Mishra

हमारे वेदों में और पाणिनी सूत्र में “जीवनी ऊर्जा चिकित्सा” का उल्लेख मिलता है ! वेदों के अनुसार जीवनी ऊर्जा को “प्राण शक्ति” का नाम दिया गया है ! यह प्राण शक्ति “वह” शक्ति है, जो प्रत्येक जीव में सतत…

जानिये वैष्णवों ने शैवों का कैसे किया धर्मांतरण | Yogesh Mishra

“नैमिषारण्य” हुआ करता था “वैष्णव” धर्मांतरण का केन्द्र कहते है नैमिषारण्य में भगवान विष्णु का चक्र गिरा था, तो पाताल तक चला गया और वही पानी निकलता रहता वहां पर ! इस गोलाकार कुऎं रूपी रचना के चारो तरफ़ भी…

“शैव संस्कृति” पर हमले के कारण कटा था ब्रह्मा जी का “सर” ! Yogesh Mishra

मत्स्य पुराण अनुसार ब्रह्मा के पांच सिर थे। कालांतर में उनका पांचवां सिर शिवजी ने काट दिया था जिसके चलते उनका नाम कापालिक पड़ा । इस विषय पर आज चर्चा करेगे ! उस काल में विश्व की सबसे विकसित संस्कृति…

सबके ईश्वर सबकी मदद एक जैसी ही करते हैं ! Yogesh Mishra

ईश्वर क्योंकि मानवीय समझ का विषय है, इसलिए जिस व्यक्ति की समझ जिस तरह से, इतनी विकसित होती है उसका ईश्वर उस तरह का होता है ! मतलब मेरे कहने का तात्पर्य है कि यदि कोई ईसाई व्यक्ति ईश्वर के…

यज्ञचक्र की पूर्णता से संपन्न कैसे हों !! बहुत ज्ञानवर्धक लेख | Yogesh Mishra

गीता में यज्ञ और यज्ञचक्र की भी बात आई है ! यों तो हिंदुओं की पोथियों में इस बात की चर्चा भरी पड़ी है ! उपनिषदों में भी यह बात कुछ निराले ढंग से ही आई है ! मगर गीता…