भारत में क्रांति कब और कैसे होगी : Yogesh Mishra

क्रांति के विषय में कोई भी बात करने के पहले दो बिंदुओं को समझ लेना परम आवश्यक है ! पहला क्रांति कभी भी भौतिक रूप में नहीं होती है ! भौतिक रूप से तो बस क्रांति के नाम पर उत्पात…

क्रांति के विषय में कोई भी बात करने के पहले दो बिंदुओं को समझ लेना परम आवश्यक है ! पहला क्रांति कभी भी भौतिक रूप में नहीं होती है ! भौतिक रूप से तो बस क्रांति के नाम पर उत्पात…

भारत में जो कभी 1,972 तरह के ग्रामीण कुटीर उद्योग थे ! उनमें से अब कुल 96 वस्तुओं के उत्पादक ग्रामोद्योग बचे हैं ! जिन्हें खनिज आधारित उद्योग, वनाधारित उद्योग, कृषि आधारित उद्योग, चमड़ा और रसायन उद्योग, गैर परम्परागत ऊर्जा…

2 फरवरी 1835 को ब्रिटेन की संसद में ‘थॉमस बैबिंगटन मैकाले’ के भारत के प्रति विचार और योजना ‘मैं भारत में काफी घूमा हूं ! दाएं-बाएं, इधर-उधर मैंने यह देश छान मारा और मुझे एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं दिखाई…

दुनिया में दो तरह के राष्ट्र हैं ! एक वह जहां के निवासी पीढ़ी दर पीढ़ी से वही निवास करते चले आ रहे हैं ! जैसे भारत, इंग्लैंड, अरब, चीन, रूस आदि और दूसरे ओर वह राष्ट्र हैं जहां के…

भारत को वित्तीय आत्मनिर्भर बनाने का पहला सूत्र यह है कि भारत में शिक्षा के साथ-साथ कम से कम एक अनिवार्य व्यवहारिक कौशल ज्ञान जरूर होना चाहिए ! जिससे व्यक्ति अक्षर ज्ञान के साथ-साथ जीविकोपार्जन के लिए भी प्रशिक्षण प्राप्त…

आजादी के पश्चात भारत ने 18 मई 1969 को 8 बजकर 5 मिनट सुबह भारतीय वैज्ञानिकों के सहयोग से राजस्थान के पोखरण नामक स्थान पर सौ मीटर से भी अधिक गहराई में पहला भूमिगत परमाणु-विस्फोट किया था ! इस भूमिगत…

कोई भी राष्ट्र न तो संविधान से चलता है और न ही प्रशासन से चलता है ! राष्ट्र हमेशा नागरिकों की निष्ठा और समर्पण से चलता है ! किसी भी राष्ट्र में जब तक राष्ट्र के आम नागरिकों का समर्पण…

ईश्वर ने तो हमें संपूर्ण ही भेजा था, किन्तु इस समाज ने अपनी मर्यादाओं की ओट में हमारी सहाजता हमसे छीन कर हमें अपूर्ण बना दिया ! अब न हम समाज के लायक रह पाये और न ही प्रकृति से…

सामान्य मनुष्य को ब्रह्म बनाने की प्रक्रिया ही ब्रह्मास्मि क्रिया योग है ! इसमें आपको अपनी जीवनी ऊर्जा को जागृत करके क्रमबद्ध अपना आतंरिक विकास करना होता है और अपने एक एक चक्र को सही दिशा निर्देश में सक्रीय करना…

बुद्ध के निर्वाण के 100 वर्ष बाद ही आपसी कलह में बौद्ध धर्म दो सम्प्रदायों में विभक्त हो गया – महायान बनाम हीनयान ! यह दोनों बौद्ध धर्म की ही शाखाएं थीं ! हीनयान निम्न वर्ग के लिये और महायान…