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डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की शैक्षिक योग्यता : Yogesh Mishra

(सनातन धर्म विरोधी तथा अम्बेडकरवादी इस पोस्ट से दूर रहें) डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में स्थित महू में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। प्राय: सभी अंबेडकर भक्त यह बतलाते हैं कि भीमराव अंबेडकर के…

अपने बचत का पैसा कहां सुरक्षित रखें : Yogesh Mishra

हर व्यक्ति बहुत ही परिश्रम से पैसे कमाता है और बैंक में अकाउंट खोल कर या एफ.डी.आर. आदि के माध्यम से उस कमाये हुए पैसे का एक अंश बचाता है ! लेकिन ज्ञान के अभाव में आज व्यक्ति यह नहीं…

भक्ति धर्म का हिस्सा नहीं है : Yogesh Mishra

प्रायः यह अवधारणा है कि जो व्यक्ति भक्त होता है वह धार्मिक भी होता है लेकिन यह अवधारणा अनादि काल से अस्वीकार्य है क्योंकि प्राचीन काल में भी यह माना गया कि जिस व्यक्ति ने धर्म के लक्षणों को स्वीकार…

बौद्ध धर्म की सत्यता : Yogesh Mishra

जैसा कि मैंने पूर्व के अपने एक लेख में बतलाया कि बौद्ध धर्म को लेकर आज तक कभी नहीं इतिहास में कोई प्रमाणिक ग्रंथ नहीं मिला है ! जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि बौद्ध धर्म के संस्थापक…

अवतारवाद का विज्ञान : Yogesh Mishra

अवतार के विषय में कोई भी चर्चा करने के पहले यह जान लेना बहुत आवश्यक है कि अवतार का वर्णन न तो वेदों में मिलता है और न ही वेदांत में ! इसी तरह अवतार का वर्णन न तो सनातन…

शैवत्व एक आंदोलन है : Yogesh Mishra

विश्व की कई संस्कृतियों के मिट जाने के बाद भी सत्य सनातन धर्म आज भी अपनी संस्कृति के साथ इस धरातल पर जीवित है ! इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समय-समय पर सनातन धर्म को शुद्ध विकसित और…

क्या बौद्ध धर्म वास्तव में कोई धर्म है : Yogesh Mishra

भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को न मानने वाले बौद्ध धर्मी पहले यह सिद्ध करें कि क्या वास्तव में बौद्ध धर्म जैसा कोई धर्म कभी था ! जिस के संस्थापक कोई गौतम बुद्ध जैसा व्यक्ति हुआ करता था !…

ईश्वरीय कैसे हमारी रक्षा करता है : Yogesh Mishra

प्रायः लोग मुझसे यह प्रश्न करते हैं कि जब भारत कितना बड़ा आध्यात्मिक देश था, तो भारत अलग-अलग समय में विभिन्न विधर्मियों के अधीन गुलाम कैसे हो गया ! इस रहस्य को जानने के लिए यह परम आवश्यक है कि…

क्या योग वशिष्ठ शैव ग्रंथ है : Yogesh Mishra

वशिष्ठ ऋषि वैदिक काल के विख्यात थे ! इनके ज्ञान के कारण इन्हें सप्तर्षि में भी शामिल किया गया था ! यानि ऐसा माना जाता है कि इन्हें वेदों की रचना करने वाले ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान प्राप्त हुआ…

दोगले वैष्णव कथावाचकों का झूठ : Yogesh Mishra

वैष्णव कथा वाचक एक तरफ तो कहते हैं कि यदि व्यक्ति धर्म ग्रंथ वेद, पुराण, उपनिषद, वेदांत आदि का अध्ययन करता है, तो वह सभी तरह के विकारों से मुक्त हो जाता है ! और दूसरी तरफ यहीं कथावाचक कहते…