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आखिर विभीषण वैष्णव कैसे बना : Yogesh Mishra

उस समय राक्षस जैसी कोई प्रजाति नहीं हुआ करती थी ! रावण विद्वान होने के साथ-साथ कूटनीतिज्ञ भी था ! उसने वैष्णव संस्कृत की एक बड़ी कमजोरी पकड़ ली थी ! वह यह थी कि वैष्णव संस्कृति में जब कोई…

वर्तमान भाषा विज्ञान का संघर्ष ही तो हमारे सर्वनाश का कारण नहीं : Yogesh Mishra

रावण एक ऐसा ज्ञानी व्यक्तित्व था ! जिसने स्वयं साक्षात भगवान शिव को प्रसन्न करके उनसे शैव तंत्र विज्ञान की दीक्षा ली थी ! उसी दीक्षा के प्रभाव के कारण उसने अपनी नाभि में अमृत स्थापित कर लिया था और…

लेख लिखने का महत्व : Yogesh Mishra

सदैव से सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन निरंतर एक वैचारिक क्रम से होता रहा है ! चीजों का विश्लेषण करने की क्षमता एक ईश्वरीय गुण है ! इसे अध्ययन से बढ़ाया तो जा सकता है लेकिन किसी भी विषय के सार…

लिंग पुराण ही सर्वश्रेष्ठ क्यों है : Yogesh Mishra

अदृश्य शिव दृष्य प्रपंच (लिंग) का मूल कारण है ! इसीलिये अव्यक्त पुरुष को शिव तथा अव्यक्त प्रकृति को लिंग कहा जाता है ! वहाँ इस गंध वर्ण तथा शब्द, स्पर्श, रूप आदि से रहित रहते हुए भी शिव ब्रह्माण्ड…

लंकेश तंत्र ही मानव का कल्याण कर सकता है : Yogesh Mishra

श्रीलंका को भगवान शिव ने बसाया था ! शिव की आज्ञा पर विश्वकर्मा ने वहां पर एक सोने के महल का निर्माण किया था ! जिसे रावण के पिता ऋषि विश्रवा ने भगवान शिव से दान में मांग लिया था…

रावण ने प्रथम प्रहार राम पर क्यों नहीं किया : Yogesh Mishra

आज इतिहास में यह बहुत बड़ा प्रश्न है कि जब रावण राक्षस था और उस जैसा विद्वान व्यक्ति यह जानता था कि राम उससे लड़ने आने के लिये रावण के साले बाली को छल से मार कर सुग्रीव की मदद…

रावण के विश्वासघाती रिश्तेदार : Yogesh Mishra

रक्ष संस्कृति का स्वामी रावण महापंडित था ! उसकी अपनी विशाल सेना थी ! जिसमें दूसरे लोक के सैनिक भी थे ! उसने कई युद्ध लड़े थे ! भगवान राम ने इन्द्र के उकसाने पर 300 से अधिक वैष्णव राजाओं…

रावण के नाभी में अमृत होने का रहस्य

रावण ने ब्रह्मा जी से अमृत ज्ञान का वरदान मांगा था और उस ज्ञान से निर्मित उस सिद्ध अमृत को उसने अपनी नाभि में रख लिया था ताकि उसकी मृत्यु न हो सके ! इसी सिद्ध अमृत साधना से उसके…

रावण की तप स्थली रही है कैलाश पर्वत का राक्षस ताल : Yogesh Mishra

राक्षसताल तिब्बत में एक झील है जो मानसरोवर और कैलाश पर्वत के पास, उनसे पश्चिम में स्थित है ! कैलाश मानसरोवर का पानी मीठा है पर राक्षसताल का खारा है ! मानसरोवर में मछलियों और जलीय पौधों की भरमार है…

रावण का सिद्धांतवादी चरित्र : Yogesh Mishra

आर्यों से बहिस्कृत करोड़ों व्यक्तियों को जब पूरी दुनियां में किसी ने आश्रय नहीं दिया, तब उन्हें आश्रय और संरक्षण ही नहीं, सम्मान के साथ भर पेट भोजन और आधुनिकतम सुविधा देकर “रक्ष संस्कृति” का निर्माण करने वाला रावण खलनायक…