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नवार्ण मंत्र की दिव्य शक्ति का रहस्य : Yogesh Mishra

गुप्त नौरात्रि पर विशेष लेख ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाऐ विच्चे यह शाब्दिक नौ अक्षरा मंत्र है ! इसका अर्थ नवार्ण नव और अर्ण के युग्म से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है नौ अक्षर से बना हुआ ! इसीलिये…

श्रीमद्भागवत गीता के नाम पर फ्राड : Yogesh Mishra

अंग्रेजों द्वारा भारत से असली श्रीमद्भागवत गीता की पाण्डुलिपि चुरा ले जाने के बाद भारत में व्याप्त जन आक्रोश को दबाने के लिये इस दुनियां में पहली बार नकली श्रीमद्भागवत गीता का प्रकाशन भारतीयों के अल्प धार्मिक ज्ञान को देखते…

नंदी का तात्पर्य बैल नहीं है : Yogesh Mishra

सुमेरियन, बेबीलोनिया, असीरिया और सिंधु घाटी की खुदाई में भी बैल की मूर्ति पाई जाती है जिसे शिव भक्त प्राय: नंदी कह देते हैं ! जबकि नंदी बैलों में एक ब्राण्ड मात्र है ! जिसके नश्ल सुधार का काम बनारस…

बुढ़ापे से मूल्यवान कुछ भी नहीं है : Yogesh Mishra

पश्चिम के विकृत जगत ने पूरी शिद्दत से हमें यह बताने की चेष्टा की है कि बूढ़ा व्यक्ति किसी योग्य नहीं होता है, लेकिन सनातन जीवन शैली में बूढ़े व्यक्ति को परिवार ही नहीं समाज और राष्ट्र का आधार माना…

क्या थी ओशो की बड़ी चूक : Yogesh Mishra

ओशो एक महान चिंतक थे ! उन्होंने जीवन को कई आयामों से महसूस किया था ! वह यह चाहते थे कि मनुष्य जीवन के बोझ को न ढ़ोते हुए सीधा-सीधा आनंद को भोगते हुये मोक्ष को प्राप्ति करे ! जिस…

क्या गरीबी उन्मूलन की सभी योजनाएँ हमें और भी गरीब बनती हैं : Yogesh Mishra

वैश्विक तानाशाहों से निडर होकर श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था कि भारत गरीबों का देश हो सकता है किंतु भारत स्वयं में गरीब नहीं है, क्योंकि श्रीमती इंदिरा गांधी का यह मत था कि भारत के अंदर व्याप्त सभी…

ब्रह्मा भी शिव के आधीन कैसे हैं : Yogesh Mishra

चित् वह है जो अपने को सब आवरणों से ढककर भी सदा अनावृत बना रहता है, सब परिवर्तनों के भीतर भी सदा परिवर्तनरहित बना रहता है ! उसमें प्रमाता प्रमेय, वेदक वेद्य का द्वैत भाव नहीं रहता, क्योंकि उसके अतिरिक्त…

मानव मस्तिष्क पर नियंत्रण की दौड़ : Yogesh Mishra

दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्‍क का दिमागी चिप बनाने वाला स्‍टार्टअप न्‍यूरालिंक जल्‍द ही इसका इंसानी परीक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है ! मस्‍क का वादा है कि इस चिप की मदद से पैरालसिस का शिकार…

ओशो की नग्न चिकित्सा : Yogesh Mishra

ओशो मनुष्य की सभी समस्याओं का कारण मनुष्य को वैष्णव द्वारा बनाए गए वस्त्रों को मानते थे ! उनका यह कहना था कि वस्त्र हमें बेईमान बनाते हैं, क्योंकि इस सृष्टि में मनुष्य के अतिरिक्त 84 लाख योनियों में कोई…

रामायण में उत्तर कांड अलग से लिखा गया क्यों मालूम पड़ता है : Yogesh Mishra

प्रथम अध्याय के आरम्भ में ही 1/4/1 पर यह स्पष्ट लिखा है कि “भगवान् राम के राज्याभिषेक के बाद वाल्मीकि ने इन विवरणों को एक साथ 24,000 श्लोकों तथा 500 सर्गों में विभाजित कर छः कांडों में लिखा !” दूसरी…