अपने आनंद को कहां ढूंढ़े : Yogesh Mishra

व्यक्ति सुख, संतुष्टि और आनंद के लिए पूरे जीवन इधर-उधर भटकता रहता है ! कोई धन कमाने में आनंद ढूंढता है, तो कोई शारीरिक वासना की पूर्ति में ! कोई व्यक्ति यश में आनंद ढूंढता है तो कोई भक्ति में…

व्यक्ति सुख, संतुष्टि और आनंद के लिए पूरे जीवन इधर-उधर भटकता रहता है ! कोई धन कमाने में आनंद ढूंढता है, तो कोई शारीरिक वासना की पूर्ति में ! कोई व्यक्ति यश में आनंद ढूंढता है तो कोई भक्ति में…

शैव जीवन शैली में भगवान शिव ने रावण की योग्यता, क्षमता, प्रतिभा और पात्रता को देखते हुये, जो संपूर्ण सृष्टि का ज्ञान रावण को शिव सहस्त्रार ज्ञान के रूप में दिया था ! वह जीव कल्याण के लिये एकमात्र अपने…

शिव सहस्त्रार एक तमिल भाषा में श्रुति और स्मृति के आधार पर संग्रहित किया गया ऐसा ग्रंथ है, जो राम रावण युद्ध के बाद विलुप्त हो गया ! लेकिन इसका बहुत बड़ा अंश तमिल लोकगीतों में बहुत समय तक चर्चा…

भारतीय शिक्षा नीति का नाम लेते ही लोग राजीव दीक्षित के प्रभावों में मैकाले को गाली देना शुरू कर देते हैं ! किंतु गाली देने वालों में से कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसने कभी भी भारत के शिक्षा…

साम्राज्यवाद की दौड़ में भारत को जीत लेने के बाद भारत के मूल चरित्र पर जब इंग्लैंड के समाजवादियों ने चिंतन किया तो यह पाया कि भारत का सामाजिक ढांचा इतना विकृत है कि यहां पर आने के बाद इंग्लैंड…

यह एक बहुत बड़ी भ्रांति है कि महाभारत युद्ध में पूरे विश्व के राजा अपनी अपनी सेनाओं के साथ लड़े थे, जबकि सत्यता यह है कि महाभारत युद्ध में भाग लेने वाले राजा मात्र आर्यावर्त अर्थात प्राचीन भारत के ही…

धर्म का निर्माण समाज को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए हुआ था, किन्तु कालांतर में धर्म के मुखिया लोगों की विलासिता को देखकर लोगों ने धर्म की ओट में धन कमाने के निर्णय लिया ! धीरे धीरे समाज का…

यह अवधारणा है कि भगवान का नाम लेने से व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है और इस अवधारणा को प्रचारित प्रसारित करने का कार्य कथावाचक करते हैं, किंतु उनके पास मिथ ग्रंथों के अतिरिक्त एक भी ऐसा प्रमाण नहीं…

आज विश्व में दो तरह के दर्शन विकसित हो रहे हैं ! एक यह मानता है कि ईश्वर के सहयोग के बिना किसी भी तरह का विकास संभव नहीं है ! फिर वह चाहे दैहिक, दैविक, भौतिक किसी भी स्तर…

भगवान श्री राम न ही इंसान है और न ही भगवान हैं ! भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व एक ऐसा व्यक्तित्व है जिसे आप इंसान के दृष्टिकोण से देखें तो वह एक मर्यादा पुरुषोत्तम इंसान के रूप में नजर आते हैं…