हिटलर व्यक्ति नहीं एक विचारधारा है : Yogesh Mishra

हिटलर की मृत्यु 30 अप्रैल 1945 को बर्लिन में एक बंकर के अंदर खुद को गोली मार कर हुई थी या फिर दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में हुई थी ! यह आज भी शोध का विषय है ! लेकिन हिटलर…

हिटलर की मृत्यु 30 अप्रैल 1945 को बर्लिन में एक बंकर के अंदर खुद को गोली मार कर हुई थी या फिर दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में हुई थी ! यह आज भी शोध का विषय है ! लेकिन हिटलर…

क्या आप जानते हैं कि कुछ यहूदी लोग भूमध्यसागरीय विश्व के बाहर यहूदी धर्म में धर्मांतरित हुये लोगों के भी वंशज हैं ! यह ज्ञात है कि पहले कुछ कज़ार, एडोमाइट, ईथियोपियाई और साथ ही अनेक अरब, विशिष्ट रूप से…

हमारे प्राचीन काल से ही विज्ञान के विकास का पता चलता है ! प्राचीन कालीन विज्ञान के अंतर्गत मुख्यत: गणित, ज्योतिष और आयुर्वेद का विकास हुआ था ! आर्यभट्ट, वराहमिहिर और ब्रह्मप्राचीन प्राचीनकालीन वैज्ञानिक हुये हैं ! जिन्होंने अपने ग्रन्थों…

ईश्वर द्वारा निर्मित प्रत्येक व्यवस्था के अपने कुछ गुण धर्म हैं ! जैसे सूरज के निश्चित समय पर उगता है ! अमावस्या और पूर्णिमा अपने समय पर होती है ! वनस्पति अपने समय पर उगती है और पशु-पक्षी भी अपने…

इतिहास में ऐसे कितने ही उदाहरण हैं कि कोई इन्सान क्या बनने और करने की ख्वाहिश रखता है और क्या बन जाता है ! 20 अप्रैल 1889 को जन्मे अडोल्फ़ हिटलर का किस्सा भी उन्हीं में से एक है !…

“पुरुषार्थ” शब्द को देखकर ऐसा लगता है कि इस शब्द पर मात्र पुरुषों का ही अधिकार है ! लेकिन ऐसा है नहीं बल्कि ऐसा लगता है कि प्राचीन काल में जब गृह कार्य की जिम्मेदारी स्त्रियों के पास होती थी…

आपने कभी विचार किया कि वैष्णव पूरी दुनिया के शासक कैसे बने ! और इनका युद्ध सदैव से दैत्य, दानव, असुर, राक्षस, यक्ष, किन्नर आदि सभी के साथ क्यों होता रहा ! जबकि वैष्णव संस्कृत का उदय ईशा से मात्र…

बौद्ध धर्म कभी धर्म प्रचारक आंदोलन के रूप में विकसित नहीं हुआ था ! किन्तु फिर भी बौद्ध के भाई आनंद की अच्छी प्रचार व्यवस्था के कारण यह भारतीय उपमहाद्वीप में बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार दूर-दूर तक हुआ और…

आज सम्पूर्ण विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का डंका जोरों शोरों से बज रहा है ! कंप्यूटर साइंस की इस विधा को विश्व के बेहतरीन भविष्य के लिये गेम चेंजर के रूप में देखा जा रहा है ! विभिन्न देशों…

आज सत्य सनातन हिंदू धर्म में कुछ ऐसे छद्म राक्षस भी धर्म का प्रचार कर रहे हैं ! जिनके हाव-भाव, व्यक्तित्व से तो वह संत लगते हैं ! लेकिन प्रचार-प्रसार वह लोग विधर्मियों का करते हैं ! कोई सफेद दाढ़ी…