क्या वास्तविक लंका समुद्र में जल मग्न है : Yogesh Mishra

आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि कभी रावण काल में श्री लंका का भूभाग वर्तमान आस्ट्रेलिया से जुड़ा हुआ था ! रावण की अधिकांश सैन्य छावनी इसी भू भागा में थीं ! जो राम रावण युद्ध में हुये विनाशक…

आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि कभी रावण काल में श्री लंका का भूभाग वर्तमान आस्ट्रेलिया से जुड़ा हुआ था ! रावण की अधिकांश सैन्य छावनी इसी भू भागा में थीं ! जो राम रावण युद्ध में हुये विनाशक…

हमें हमेशा से यही समझाया गया है कि लोकतंत्र में शासक जन भावनाओं के अनुरूप ही शासन करते हैं जबकि व्यवहारिक तौर पर यह देखा गया है कि यह एक नितांत झूठ के अतिरिक्त और कुछ नहीं है ! क्योंकि…

देश को आजाद हुये 73 वर्ष हो रहे हैं ! आजादी से आज तक देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था शासन सत्ता के अधीन रही है ! गुरुकुल व्यवस्था भारत में कानून बनाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई और उसके…

श्रीलंका सरकार ने ‘रामायण’ में आये लंका प्रकरण से जुड़े तमाम स्थलों पर शोध करा कर उसकी ऐतिहासिकता सिद्ध कर उक्त स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर लिया है ! अब आप श्रीलंका जाकर रावण की लंका…

सनातन धर्म साहित्य में विश्व और लोक में अंतर है ! यहां विश्व का तात्पर्य समस्त भूमंडल के भूभाग से है ! जिसकी एक निश्चित काल पहले उत्पत्ति हुई थी और जो समय-समय पर काल के प्रवाह में अपने स्वरूप…

भारतीय समाज ज्ञान के विषय में मूलतः दो परंपराओं में लंबे समय तक विभक्त है ! एक ब्राह्मण द्वारा दिये जाने वाला ज्ञान और दूसरा श्रमण परंपरा का ज्ञान ! परंपराओं का समुच्चय ही सनातन संस्कृति का मौलिक स्वरूप ले…

सन 1213 में वारंगल, आंध्र प्रदेश के काकतिया वंश के महाराजा गणपति देव को एक शिव मंदिर बनाने का विचार आया ! उन्होनें अपने शिल्पकार रामप्पा को ऐसा मंदिर बनाने को कहा जो वर्षों तक टिका रहे ! रामप्पा ने…

40 वर्ष की आयु में अर्जुन का विवाह अपनी चौथी पत्नी सुभद्रा के साथ हुआ और विवाह के बाद अर्जुन एक वर्ष तक कृष्ण के यहाँ सुभद्रा के साथ द्वारिका में रहे ! इसी बीच अभिमन्यु का जन्म हुआ !…

हंस योग को एक बेहद शुभ योग माना जाता है ! जिसका संबंध देवगुरु बृहस्पति से होता है ! यदि गुरु अपनी स्वराशि मीन या धनु अथवा उच्च राशि कर्क में स्थित होकर जन्म कुंडली के केन्द्र स्थान में हो…

वर्तमान भारत में तो अब नयी पीढ़ी को भारतीय मूल के गायों के दर्शन तक दुर्लभ हैं ! शहरों के लोग तो भूल ही चुके हैं कि प्राचीनकाल में भारत की समृद्धि का मूल आधार यहां की गायें ही थीं…