जानिए गुरु चांडाल योग के हानि और लाभ !!

किसी कुंडली में गुरु अर्थात बृहस्पति के साथ राहु या केतु में से कोई एक स्थित हो अथवा किसी कुंडली में गुरु का राहु अथवा केतु के साथ दृष्टि आदि से कोई संबंध बन रहा हो तो ऐसी कुंडली में…

किसी कुंडली में गुरु अर्थात बृहस्पति के साथ राहु या केतु में से कोई एक स्थित हो अथवा किसी कुंडली में गुरु का राहु अथवा केतु के साथ दृष्टि आदि से कोई संबंध बन रहा हो तो ऐसी कुंडली में…

वर्तमान मे ब्रह्माण्ड के जन्म संबधित सबसे मान्य सिद्धांत बिग बैंग सिद्धांत है ! इसके अनुसार ब्रह्मांड का जन्म एक बिंदु से हुआ था ! विज्ञान द्वारा प्राप्त सभी प्रमाण इसी सिद्धांत के समर्थन मे है ! इसके अतिरिक्त अन्य…

वैदिक ज्योतिष में बाधक ग्रह का जिक्र किया गया है तो कुछ ना कुछ अरिष्ट होता ही होगा, लेकिन इन अनिष्टकारी बातों का अध्ययन बिना सोचे समझे नहीं करना चाहिये ! कुंडली की सभी बातों का बारीकी से अध्ययन करने…

वैदिक ज्योतिष के अन्तर्गत अनगिनत योगों का उल्लेख मिलता है ! बहुत से योग अच्छे हैं तो बहुत से योग खराब भी हैं ! जन्म कुंडली में अरिष्ट की व्याख्या भावों के आधार पर भी की जाती है ! कुछ…

चीनी में सिर्फ कैलोरी होती है उसमे प्रोटीन , विटामिन या खनिज आदि पोषक तत्व नहीं होते ! ज्यादा चीनी के उपयोग से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है ! शक्कर दो तरह की होती है ग्लूकोज़ और फ्रुक्टोस…

देशव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम लांच किया गया ! जिसके आधार पर नंदी पैदा न हो और केवल बछिया हो उसके लिये योजनाबद्ध तरीके से अब कार्य चालू ! जब नंदी के आधर पर गर्भधान न होकर और साथ ही नंदियो…

ऋग्वेद में संस्कारों का उल्लेख नहीं है, किन्तु इस ग्रंथ के कुछ सूक्तों में विवाह, गर्भाधान और अंत्येष्टि से संबंधित कुछ धार्मिक कृत्यों का वर्णन मिलता है ! यजुर्वेद में केवल श्रौत यज्ञों का उल्लेख है, इसलिए इस ग्रंथ के…
भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त भारत के मौलिक के मौलिक अधिकारों के अन्तर्गत सभी को अनुच्छेद १४-१८ के अन्तर्गत समानता का अधिकार दिया गया है ! जो कि महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अधिकार देता है ! इसके अन्तर्गत यह…

स्वर्ण प्राशन बच्चों के उज्जवल भविष्य निर्माण में आयुर्वेद का वरदान है ! यह द्रव्य शुद्ध स्वर्ण, गोघृत, शहद, अश्वगंधा, ब्राह्मी, वचा, गिलोय, शंखपुष्पी आदि जैसी अद्भुत आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित होती है ! यह जन्म से 16 वर्ष तक…

मंदिर केवल एक देवस्थान या पूजा-पाठ के केन्द्र के रूप में नहीं रहा है बल्कि मंदिरों में ज्ञान विज्ञान ज्योतिष खगोल आयुर्वेद आदि की शिक्षा भी दी जाती थी, मंदिर एक तरह के बैंक का भी काम करते थे !…