प्रश्न विहीन समाज के निर्माण की शुरुआत वैष्णव लेखकों ने की थी : Yogesh Mishra

जैसा कि मैं पहले के लेखों में लिख चुका हूं कि प्रश्न ही समाज की धड़कन है ! जिस समाज में प्रश्न खड़े नहीं होते हैं, वह समाज उस मरे हुए व्यक्ति की तरह है ! जिसकी धड़कन बंद हो…









