हमको कितने सलीके से लूटा गया है : Yogesh Mishra
मैं बात उस दौर की कर रहा हूं, जब घर में माताएं और बहनें अपने पति, भाई या पुत्र की आय से मिलने वाले घर खर्चे का एक अंश अपने भविष्य की कठिनाइयों के लिये बचा कर रख लेती थी,…
मैं बात उस दौर की कर रहा हूं, जब घर में माताएं और बहनें अपने पति, भाई या पुत्र की आय से मिलने वाले घर खर्चे का एक अंश अपने भविष्य की कठिनाइयों के लिये बचा कर रख लेती थी,…
भारत में किसी भी व्यक्ति या कंपनी को एक सीमा से अधिक खेती खरीदने के लिये सीलिंग कानून प्रतिबंध करता है ! विद्यमान कानून के चलते कार्पोरेट घरानों को खेती पर सीधा कब्जा करना संभव नही है ! इसलिये अब…
आज भारत तृतीय विश्व युद्ध के जैविक हमले की चपेट में है ! शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जिसमें कोई न कोई व्यक्ति करोना से प्रभावित न हुआ हो ! अधिकांश परिवार तो ऐसे भी हैं जिनके यहाँ करोना…
कभी युवा विश्व विजेता बनने के लिए तलवार लेकर पूरी दुनिया में निकला करता था ! बाद में बारूद की खोज हुई तो वह बंदूक और तोपें लेकर निकलने लगा ! किंतु आज दौर बदल चुका है ! अब तकनीकी…
इस समय सम्पूर्ण विश्व में करोना काल का द्वितीय वर्ष चल रहा है ! अभी आगामी 3 वर्ष तक करोनाकाल का प्रभाव पूरे विश्व में रहेगा ! यह हम भारतीयों के लिए एक सुनहरा अवसर है ! विश्व विजेता बनने…
ऐसा नहीं है कि इस पृथ्वी पर पहले कभी महामारी नहीं आयी या भविष्य में अब कभी नहीं आयेगी ! यह महामारी का क्रम मनुष्य की उत्पत्ति के साथ सदैव से चला आ रहा है और जब तक मनुष्य है…
करो ना की दूसरी लहर से व्यथित जब पूरा भारत त्राहि-त्राहि कर रहा था ! तब एक दिन राहुल द्विवेदी का बनारस से मेरे पास फोन आया और कहा गुरुजी मैं तो अघोर शमशान साधना करता हूं ! शमशान पर…
ओशो मनुष्य की सभी समस्याओं का कारण मनुष्य को वैष्णव द्वारा बनाए गए वस्त्रों को मानते थे ! उनका यह कहना था कि वस्त्र हमें बेईमान बनाते हैं, क्योंकि इस सृष्टि में मनुष्य के अतिरिक्त 84 लाख योनियों में कोई…
“आईज़ ऑफ़ डार्कनेस” अमेरिकी लेखक “डीन कोन्टोज़” का एक रहस्य-रोमांच उपन्यास है ! जो सबसे पहली बार 1981 में प्रकाशित हुआ ! जबकि इसके ठीक पहले अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट में जब 1980 में एक विशेष ग्रह नक्षत्रों में तंत्र…
क्या आपको मालूम है कि सत्रहवीं सदी के पहले यहूदियों के झंडे में पांच कोणों वाले एक निशान का प्रयोग होता था, जिसे “किंग सोलोमन” से संबंधित बतलाया जाता था ! लेकिन सत्रहवीं सदी के बाद पूरी दुनिया के यहूदियों…