वैष्णव संतों का वास्तविक चेहरा : Yogesh Mishra

वैष्णव धर्म ग्रंथों के अनुसार भारत में जब वैष्णव जीवन शैली अपने पूर्ण प्रसार पर थी ! तब दो महायुद्ध हुए ! एक राम रावण का युद्ध और दूसरा महाभारत का धर्म युद्ध और यह दोनों ही युद्ध धर्म और…

वैष्णव धर्म ग्रंथों के अनुसार भारत में जब वैष्णव जीवन शैली अपने पूर्ण प्रसार पर थी ! तब दो महायुद्ध हुए ! एक राम रावण का युद्ध और दूसरा महाभारत का धर्म युद्ध और यह दोनों ही युद्ध धर्म और…

300 ईसा पूर्व से 13वीं सदी चोल वंशियों का दक्षिण भारत पर शासन था ! अर्थात 1600 वर्षों तक कावेरी नदी घाटी में इस राजवंश ने शासन किया था और इनकी राजधानी तमिलनाडु स्थित वरायूर (अब तिरुचिरापल्ली) थी ! चोल…

मनुष्य को ईश्वर ने इस पृथ्वी पर अपनी स्वाभाविक अवस्था में जीवन निर्वाह के लिए भेजा था ! जिससे मनुष्य प्रकृति के रहस्य को समझते हुए अपना आंतरिक उत्थान कर सके ! लेकिन हम लोगों ने अपने सुविधाओं की तलाश…

जब हम अपने जीवन की छोटी छोटी खुशियों में बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हैं, तो प्रकृति अपने बड़े बड़े खजाने हमारे लिये स्वत: खोल देती है ! तब हमें जीवन में अपार धन, सम्पदा, यश आदि स्वत: प्राप्त…

(सनातन धर्म विरोधी तथा अम्बेडकरवादी इस पोस्ट से दूर रहें) डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में स्थित महू में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। प्राय: सभी अंबेडकर भक्त यह बतलाते हैं कि भीमराव अंबेडकर के…

हर व्यक्ति बहुत ही परिश्रम से पैसे कमाता है और बैंक में अकाउंट खोल कर या एफ.डी.आर. आदि के माध्यम से उस कमाये हुए पैसे का एक अंश बचाता है ! लेकिन ज्ञान के अभाव में आज व्यक्ति यह नहीं…

प्रायः यह अवधारणा है कि जो व्यक्ति भक्त होता है वह धार्मिक भी होता है लेकिन यह अवधारणा अनादि काल से अस्वीकार्य है क्योंकि प्राचीन काल में भी यह माना गया कि जिस व्यक्ति ने धर्म के लक्षणों को स्वीकार…

जैसा कि मैंने पूर्व के अपने एक लेख में बतलाया कि बौद्ध धर्म को लेकर आज तक कभी नहीं इतिहास में कोई प्रमाणिक ग्रंथ नहीं मिला है ! जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि बौद्ध धर्म के संस्थापक…

अवतार के विषय में कोई भी चर्चा करने के पहले यह जान लेना बहुत आवश्यक है कि अवतार का वर्णन न तो वेदों में मिलता है और न ही वेदांत में ! इसी तरह अवतार का वर्णन न तो सनातन…

विश्व की कई संस्कृतियों के मिट जाने के बाद भी सत्य सनातन धर्म आज भी अपनी संस्कृति के साथ इस धरातल पर जीवित है ! इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समय-समय पर सनातन धर्म को शुद्ध विकसित और…