चीन से इतना काल्पनिक भय क्यों : Yogesh Mishra

चीन भारत का पड़ोसी देश है ! भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, विचारधारा सभी का चीन पर गहरा प्रभाव पड़ा है ! जिसके बदले में चीन ने सदियों से भारत को अधिक से अधिक समझने का प्रयास किया है !…

चीन भारत का पड़ोसी देश है ! भारत की सभ्यता, संस्कृति, धर्म, विचारधारा सभी का चीन पर गहरा प्रभाव पड़ा है ! जिसके बदले में चीन ने सदियों से भारत को अधिक से अधिक समझने का प्रयास किया है !…

प्रायः लोग यह मानते हैं कि चार्वाक नाम का कोई व्यक्ति था, जिसने भौतिकवादी जीवन शैली को लेकर कोई दर्शन प्रकट किया था ! जबकि यह नितांत गलत है ! जब पूरी दुनिया पर शुक्राचार्य के मार्गदर्शन में मात्र तपोनिष्ठ…

आषाढ़ मास शुक्ल एकादशी से कार्तिक मास शुक्ल एकादशी तक का समय लौकिक चातुर्मास का होता है ! इसका वर्णन तरह तरह से वैष्णव धर्म ग्रंथों में खूब किया जाता है और बतलाया जाता है कि इस समय भगवान विष्णु…

किसी भी लोकतान्त्रिक देश के शासन व्यवस्था में तीन संवैधानिक और एक अघोषित अर्थात चार स्वतन्त्र अंग होते हैं ! पहला विधायिका – यह अंग देश की जनता द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक रूप से देश के संचालन के…

इस महाआपदा के काल में हजारों लोग, जिनमें पत्रकार, बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट, राजनेता, साधु-संत, मौलवी, उलेमा, पादरी, किसान, मजदूर, शिक्षक, नौकरशाह आदि सभी शामिल हैं ! अनेक प्रकार से संक्रमित मरीज, उनके परिवार तथा उनसे प्रभावित होने वाले लोगों की जो…

गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा ! गुरु साक्षात परब्रह्मा, तस्मै श्री गुरुवे नमः !! अर्थात गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है और गुरु ही भगवान शिव हैं ! गुरु ही साक्षात परब्रह्म हैं, ऐसे गुरु को…

किसी को गालियां देने पर मिलने वाले सुख नाम अंग्रेजी भाषा में “LALOCHEZIA” होता है ! इस सुख की प्राप्ति से व्यक्ति की भड़ास निकल जाती है और बड़ी-बड़ी सामाजिक हिंसायें रुक जाती हैं ! यह लोकतंत्र में शांति बनाये…

इन दिनों पूरी दुनियां “क्रिश्चियन योगा” प्रोपगंडा के तहत भारत का सनातन योग विज्ञान निशाने पर है और योग की दुकान चलने वाले भारत के तथाकथित योग गुरु टी.वी. पर अपना आक्सीजन लेबिल चेक कर रहे हैं ! जबकि योग…

भारत में जगह-जगह विकिरण की जांच करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया कि जोधपुर से दस मील पश्चिम में तीन वर्ग मील क्षेत्र में रेडियोधर्मी राख की एक परत है ! जो पूर्व में वहां हुए किसी परमाणु हथियार की ओर…

पूरी दुनिया का उपभोक्तावादी बाजार अब मानव मस्तिष्क को वैचारिक कूड़ा घर समझने लगा है ! इस मानवीय वैचारिक कूड़ा घर में सकारात्मक विचारों के स्थान पर घनघोर निम्न, छिछले, ओछे विचारों का आधुनिक विज्ञान की मदद से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस…