भारत के सर्वनाश का कारण और निवारण : Yogesh Mishra

जब किसी भी समाज में धन और सुविधाएं मनुष्य के ज्ञान और विवेक से अधिक हो जाती हैं, तो वह समाज विकृति की ओर बढ़ने लगता है ! भारतीय समाज ने भी यह दौर देखा है ! चोल वंश के…

जब किसी भी समाज में धन और सुविधाएं मनुष्य के ज्ञान और विवेक से अधिक हो जाती हैं, तो वह समाज विकृति की ओर बढ़ने लगता है ! भारतीय समाज ने भी यह दौर देखा है ! चोल वंश के…

जीवन की सफलता का कोई निश्चित मानक नहीं है ! आपका व्यवहार, आपकी शिक्षा, आपका रंग, रूप, स्वभाव आदि यह सब आपके सहायक हैं ! इनमें से कोई भी चीज हर व्यक्ति को सफल बना सकती हैं ! यह निश्चित…

धर्म की उत्पत्ति समाज के मंदबुद्धि वर्ग के मनुष्यों को नियंत्रित करने के लिए की गई थी ! इसीलिए धर्म ने स्वर्ग-नरक, पाप-पुण्य, धर्म-अधर्म, देव-दैत्य, सुर-असुर जैसे सांकेतिक शब्दों का निर्माण किया ! जिन शब्दों के माध्यम से मंदबुद्धि के…

तिब्बत का प्राचीन नाम त्रिविष्टप है ! तिब्बत प्राचीन काल से ही योगियों और सिद्धों का घर माना जाता रहा है ! पहले यह भारत का हिस्सा था ! 1912 में तिब्बत के 13वें धर्मगुरु दलाई लामा ने तिब्बत को…

आजकल हिंदू धर्म और ब्राह्मणों को पानी पी पी कर गाली देने का एक प्रचलन सा शुरू हो गया है ! इसके पीछे विदेशी इसाई संस्थाओं और बौद्ध षड्यंत्रकारियों का स्पष्ट हाथ है ! प्रशासनिक सेवाओं की कोचिंग पढ़ाने वालों…

अमेरिका की निवासी महिला केर्लिन फोर्ट जो कि एक व्यवसायिक फोटोग्राफर हों ! उनको माया सभ्यता के नागरिकों से वर्ष 2001 में एक 15 किलो का क्रिस्टल कपाल मिला है ! उस महिला ने इस क्रिस्टल कपाल का नाम आइंस्टाइन…

वैष्णव जीवन शैली में धर्म के नाम पर लूट की अलग-अलग दुकान चलाने के लिए दर्जनों देवी देवताओं का निर्माण वैष्णव धर्माचार्यों ने किया है ! और अलग-अलग देवी-देवताओं को अलग-अलग मानवीय इच्छाओं की पूर्ति करने का पर्याय बना दिया…

सनातन शैव संस्कृति अनादि है, अनंत है और काल से परे है ! क्योंकि इस संस्कृति के संस्थापक भगवान शिव ने स्वयं की है ! जो स्वयं काल से परे हैं ! भगवान शिव का कभी जन्म नहीं हुआ है…

वैष्णव जीवन शैली में भक्त जीवन भर गुरु से, भगवान से, प्रकृति से याचना करते हुए ही जीवन व्यतीत करता है ! उसे सदैव प्रतिक्षण कुछ न कुछ चाहिए ही होता है ! किसी को पुत्र की कामना होती है,…

मनुष्य के जीवन में हर तरह की हर समस्या का कारण कृत्रिम जीवन पद्धति है ! जो हमें वैष्णव जीवन शैली से प्राप्त हुई है ! आज साम्राज्यवादी सोच भी इसी कृत्रिम जीवन पद्धति का विकसित रूप है ! कृत्रिम…