गाँधी का धर्मांतरण, मुसलमान था गाँधी ? : Yogesh Mishra

महात्मा गांधी का बड़ा बेटा हरिलाल गाँधी 27 जून 1936 को नागपुर में इस्लाम कबूल करके मुसलमान बन गया था और 29 जून 1936 को उसने मुंबई में इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी कि वह अब हरिलाल गांधी नहीं बल्कि…

महात्मा गांधी का बड़ा बेटा हरिलाल गाँधी 27 जून 1936 को नागपुर में इस्लाम कबूल करके मुसलमान बन गया था और 29 जून 1936 को उसने मुंबई में इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी कि वह अब हरिलाल गांधी नहीं बल्कि…

आज भारत में नई शिक्षा नीति लागू हो जाने के साथ ही शिक्षा जगत में यह अनिवार्य कर दिया गया है कि अब बच्चों को 40% शिक्षा आधुनिक डिजिटल संसाधनों से दी जायेगी, जो धीरे-धीरे आगामी 10 वर्षों में शत…

हर महापुरुष वक्त से पहले पैदा हुआ इंसान होता है ! यह किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं बनाया जा सकता है ! जिन व्यक्तियों में ईश्वर द्वारा भविष्य देखने का सामर्थ होता है और उस भविष्य को सरल शब्दों में…

1911 में चीन में एक राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक क्रांति हुई और किंग राजवंश को उखाड़ फेंका गया और उसके स्थान पर चीन एक गणतंत्र के रूप में जाना गया ! शिन्हाई विकास, जैसा कि इसे कहा जाता था ! चीन में…

शोषण का नाम लेते ही आरक्षण भोगी वर्ग तत्काल कटोरा लेकर खड़ा हो जाता है और जन्म जन्मांतर की कपोल कल्पित कहानियां सुनाने लगता है ! पिछले 75 सालों से तीन पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ उठाने वाले इन राजनैतिक…

सामाजिक आंदोलन सदैव प्रायोजित और साम्राज्यवाद के विस्तारवादी षडयंत्र का हिस्सा होते हैं ! यह कभी भी स्वस्फूर्त नहीं होते हैं ! फिर चाहे वह गांधी का आंदोलन हो या जयप्रकाश का ! इन सभी आंदोलनों के सूत्र विश्व सत्ता…

“दो क्लास के बीच पहले अंतर दिखाना, फ़िर इस अंतर की वजह से झगड़ा करवाना और फ़िर दोनों ही क्लास को ख़त्म कर देना ! जिससे किसी भी देश का आर्थिक विकास रुक जाता है ! यह साम्राज्यवादी शक्तियों का…

यूपी में समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों के 90% मतों को प्राप्त किया ! बहुत से मुसलमान तो विदेशों से लाखों रुपये खर्च करके अपने काम का नुकसान करके मात्र समाजवादी पार्टी को वोट देने के लिये भारत आये ! समाजवादी…

एक तरफ 19 जनवरी 1990 को जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों नरसंहार शुरू कर दिया था, जिससे कश्मीरी पंडितों का कश्मीर से सामूहिक पलायन शुरू हो गया था, तो दूसरी तरफ सवर्ण परिवारों के बच्चे आरक्षण के…

प्राय: मोटीवेशनल स्पीच सुनता कौन है जो दुनियांदारी से अनभिज्ञ है और मोटीवेशनल स्पीच देता कौन है ? जो खुद कभी किसी धंधे में नहीं रहा है ! अर्थात मोटीवेशनल स्पीच का धंधा ठीक उस धार्मिक वैष्णव कथा वाचन जैसा…