चिंतन विहीन धर्म गुरु की तलाश : Yogesh Mishra

आज ही नहीं अनादि काल से मनुष्य बहुत अधिक चिंतन के पक्ष में नहीं रहा है ! कुछ महत्वपूर्ण संवेदनशील व्यक्तियों ने जो चिंतन किया, उसी से सनातन धर्म ग्रंथों का निर्माण हुआ है ! मानव समाज सदैव से चिंतन…

आज ही नहीं अनादि काल से मनुष्य बहुत अधिक चिंतन के पक्ष में नहीं रहा है ! कुछ महत्वपूर्ण संवेदनशील व्यक्तियों ने जो चिंतन किया, उसी से सनातन धर्म ग्रंथों का निर्माण हुआ है ! मानव समाज सदैव से चिंतन…

आज हिंदू समाज में सबसे बड़ी दिक्कत यह हो रही है कि हिंदू धर्म के नये व्याख्याकार परंपरागत हिंदू धर्म के प्रवक्ताओं के लिये आधुनिक विज्ञान का सहारा लेकर चुनौती बनते जा रहे हैं ! और हिंदू धर्म के परंपरागत…

आजकल की युवा पीढ़ी बहुत दुविधा में फंसी है ! एक तरफ तो शिक्षक कहते हैं कि परिश्रम से धन मिलता है और दूसरी तरफ धर्मगुरु कहते हैं कि गणेश लक्ष्मी की पूजा से धन मिलता है ! और इसके…

( अध्ययन हीन व्यक्ति इस लेख को न पढ़ें) गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा बलपूर्वक राम को मर्यादा पुरुषोत्तम घोषित किया गया था ! क्योंकि गोस्वामी तुलसीदास एक राम भक्त कथावाचक कवि थे ! यही इनका पैतृक व्यवसाय था ! और…

हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे शब्द हैं, जिनके विषय में हिंदू यह मानकर चलता है कि यह अंतिम निष्कर्ष का शब्द है ! अब इसमें किसी भी पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है ! जैसे सत्य, तप, त्याग, प्रारब्ध, सुर,…

यह हिंदुओं का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कभी विश्व को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देने वाला हिन्दू समाज अब मात्र दो राजकुमारों की आधी अधूरी, कपोल कल्पित कहानियों में उलझ कर रह गया है ! एक राम और दूसरा…

यह एक कठोर सत्य है कि जब भी समाज में धर्म और भौतिकता का असंतुलन हुआ है, तब समाज अपने विनाश की ओर बढ़ गया है ! इसे दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि कोई भी…

30 नवम्बर 2010 को राजीव दीक्षित की मृत्यु के तुरंत उपरांत वर्ष 2011-12 में हर व्यक्ति राजीव दीक्षित की फोटो लगाकर देश के अंदर स्वदेशी का नेता बन जाना चाहता था ! लेकिन इन लोगों को यह नहीं मालूम था…

उद्यम असफल होने के कई कारण हैं, किंतु इसमें सबसे पहला कारण यह है कि उद्यमी को यह पता ही नहीं होता है कि उसके उद्यम की दिशा सही है या गलत है ? अर्थात दूसरे शब्दों में यह कहा…

प्राय: लोग दरिद्रता का संबंध शिक्षा से जोड़कर देखते हैं ! जबकि अनुभव में यह आया है कि यदि दरिद्र प्रजाति का व्यक्ति शिक्षित हो भी जाये तब भी वह दरिद्र ही बना रहता है ! इस अनुभव से यह…