Category Untold Facts

मात्र संस्कृत भाषा हिंदुत्व का आधार नहीं है : Yogesh Mishra

यह एक चिंतन का विषय है कि भारत अनादि काल से विभिन्न भाषा और संस्कृतियों का देश रहा है ! फिर भी सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही क्यों मिलते हैं ? जबकि भारत के संदर्भ में तो यह…

लाक्षाग्रह का सत्य : Yogesh Mishra

प्रयागराज इलाहबाद से 50 किलोमीटर दूर हंडिया के तथाकथित लाक्षागृह के निकट गंगा घाट पर बरसात के कारण टीला की मिट्टी ढह जाने के कारण करीब छह फीट चौड़ा सुरंग दिखाई देने लगी ! क्षेत्र में सुरंग की बात चर्चा…

चिंतन विहीन धर्म गुरु की तलाश : Yogesh Mishra

आज ही नहीं अनादि काल से मनुष्य बहुत अधिक चिंतन के पक्ष में नहीं रहा है ! कुछ महत्वपूर्ण संवेदनशील व्यक्तियों ने जो चिंतन किया, उसी से सनातन धर्म ग्रंथों का निर्माण हुआ है ! मानव समाज सदैव से चिंतन…

हिन्दू धर्म के आधारहीन व्याख्याकार : Yogesh Mishra

आज हिंदू समाज में सबसे बड़ी दिक्कत यह हो रही है कि हिंदू धर्म के नये व्याख्याकार परंपरागत हिंदू धर्म के प्रवक्ताओं के लिये आधुनिक विज्ञान का सहारा लेकर चुनौती बनते जा रहे हैं ! और हिंदू धर्म के परंपरागत…

धनवान होना है, तो धर्म के आडंबर छोड़िये : Yogesh Mishra

आजकल की युवा पीढ़ी बहुत दुविधा में फंसी है ! एक तरफ तो शिक्षक कहते हैं कि परिश्रम से धन मिलता है और दूसरी तरफ धर्मगुरु कहते हैं कि गणेश लक्ष्मी की पूजा से धन मिलता है ! और इसके…

राम की निगाह में सीता का अस्तित्व : Yogesh Mishra

( अध्ययन हीन व्यक्ति इस लेख को न पढ़ें) गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा बलपूर्वक राम को मर्यादा पुरुषोत्तम घोषित किया गया था ! क्योंकि गोस्वामी तुलसीदास एक राम भक्त कथावाचक कवि थे ! यही इनका पैतृक व्यवसाय था ! और…

पौराणिक शब्दों के मोह ने हिंदुत्व के विकास को रोक रखा है : Yogesh Mishra

हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे शब्द हैं, जिनके विषय में हिंदू यह मानकर चलता है कि यह अंतिम निष्कर्ष का शब्द है ! अब इसमें किसी भी पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है ! जैसे सत्य, तप, त्याग, प्रारब्ध, सुर,…

हिन्दू धर्म में दो राजकुमारों की कहानी : Yogesh Mishra

यह हिंदुओं का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कभी विश्व को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देने वाला हिन्दू समाज अब मात्र दो राजकुमारों की आधी अधूरी, कपोल कल्पित कहानियों में उलझ कर रह गया है ! एक राम और दूसरा…

अति धार्मिकता ही हमारे सर्वनाश का कारण है : Yogesh Mishra

यह एक कठोर सत्य है कि जब भी समाज में धर्म और भौतिकता का असंतुलन हुआ है, तब समाज अपने विनाश की ओर बढ़ गया है ! इसे दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि कोई भी…

राजीव दीक्षित का उतरता बुखार : Yogesh Mishra

30 नवम्बर 2010 को राजीव दीक्षित की मृत्यु के तुरंत उपरांत वर्ष 2011-12 में हर व्यक्ति राजीव दीक्षित की फोटो लगाकर देश के अंदर स्वदेशी का नेता बन जाना चाहता था ! लेकिन इन लोगों को यह नहीं मालूम था…