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883 वर्षों से संरक्षित है स्वामी रामानुजाचार्य का शरीर : Yogesh Mishra

वैष्णव परंपरा के महान दार्शनिक और विशिष्ट द्वेत के प्रतिपादक “रामानुजाचार्य” का मूल शरीर तिरुचरापल्ली के श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर मे संभाल कर रखा गया है ! यह शरीर करीब 1137 वर्ष पूर्व का जिसे आज तक सँजो का रखा गया…

आखिर ब्राह्मण कभी हारता क्यों नहीं ?? : Yogesh Mishra

मुसलमानों के आक्रमण से पहले सनातन धर्मी ब्राह्मण और बौद्ध धर्म के बीच तीखा संघर्ष चला था ! इस संघर्ष में बौद्ध धर्म ने सनातन धर्म को पराजित कर दिया था ! क्योंकि जब राजा अशोक ने बुद्ध धम्म को…

क्या भांग ही सोमरस है ? बढ़ा खुलासा : Yogesh Mishra

वेदों में सोमरस यज्ञ के विशेष आकर्षण के बतौर आता है ! इन्द्र को बुलाया जाता है कि आयें और सोमरस पान करें ! ज़ाहिरन सोमरस वैदिक जनों के पास एक ऐसा पदार्थ था, जो उनके लियह सबसे अधिक लुभावना…

जानिए भगवान शिव को भांग क्यों प्रिय थी ? : Yogesh Mishra

विश्व की प्राचीनतम शैव नगरी में आज भी भांग का प्रयोग खुले आम होता है ! महाशिवरात्रि और होली का रंग तभी जमता है जब भांग का भी संग हो ! यकीनन भांग का ज्यादा इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है…

आम जनता की पहुँच के बाहर क्यों हो रहा है, सूचना का अधिकार : Yogesh Mishra

सूचना का अधिकार कानून संभवत: आम जनता द्वारा सबसे ज्यादा बार प्रयोग किया जाने वाले कानूनों में से एक है ! अगर यहां से भी 45 दिनों के भीतर जवाब नहीं मिलता है तो आवेदक केंद्रीय सूचना आयोग या राज्य…

नहीं होता है मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण : क्या है सत्य : Yogesh Mishra

सूर्य के उत्तरायण के आरंभ के सम्बन्ध में अनुशासन पर्व के 32वें अध्याय के पांचवें श्लोक को देखें:- उषित्वा शर्वरी श्रीमान पंचाशन्न गरोत्त में ! समयं कौरवा ग्रयस्य संस्कार पुरूषर्षभ: ! ! अर्थात पचास रात्रि बीतने तक उस उत्तम नगर…

छात्र नहीं शिक्षण संस्थान ही अयोग्य होते हैं !! Yogesh Mishra

भारत में बढ़ती बेरोजगारी पर चिन्तन कल सायंकाल में एक कार्यक्रम में गया था ! वहां पर युवाओं की योग्यता को लेकर चर्चा होने लगी ! चर्चा में शामिल अधिकांश लोगों का यह मत था कि आज के शिक्षित छात्र…

सनातन इतिहास को विकृत करने का कार्य मैकडानल ने किया था : Yogesh Mishra

हमारे सनातन इतिहास का विकृतीकरण करने का कार्य मैकडानल ने विशेष रूप से किया ! उन्होंने अपनी पुस्तक ‘वैदिक रीडर’ में लिखा-”ऋग्वेद की ऋचाओं से प्राप्त ऐतिहासिक सामग्री से पता चलता है कि ‘इण्डो आर्यन’ लोग सिंधु पार करके भी…

क्या कंप्यूटर आदि कृतिम वस्तुओं को भी तंत्र से प्रभावित किया जा सकता है ! Yogesh Mishra

मेरे अपने निजी अनुभव में यह आया है कि कंप्यूटर आदि कृतिम वस्तुएं जो मनुष्य के लिये सहायक हैं या जहां कहीं भी ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है ! वह सभी चीजे तंत्र से प्रभावित की जा सकती हैं…

क्या कंप्यूटर द्वारा भी तंत्र, मंत्र, अनुष्ठान आदि किया जा सकता है ! Yogesh Mishra

आज कंप्यूटर का युग है ! कंप्यूटर के द्वारा कृतिम बौद्धिकता के सैकड़ों आयाम प्रस्तुत किये जा रहे हैं ! ऐसी स्थिति में कोई आश्चर्य नहीं कि आगामी युग में विश्व में ट्रेन और वाहनों का संचालन सफलतापूर्वक कंप्यूटर द्वारा…