Tag Archives: hindu mythology

कुंडली में असाध्य और जानलेवा रोगों को कैसे पहचानें !! : Yogesh Mishra

हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह समस्त ब्रह्मांड को प्रभावित करते हैं ! प्रत्येक ग्रह की अपनी विशेषताएं हैं ! शनि को दुख और अभाव का कारक ग्रह माना जाता है ! किंतु जन्म के समय यदि वह बलवान हो तो जातक के दुखों का शमन करता है ! इस …

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आधुनिक जीवन के असाध्य और जानलेवा रोगों को कैसे नियंत्रित करें !! Yogesh Mishra

आजकल प्रमुख असाध्य और जानलेवा रोगों में जिनका नाम आता है वे हैं हृदय रोग, स्ट्रोक, केटारेक्ट, पार्किंसन्स रोग और कैंसर इत्यादि ! इन रोगों का सबसे प्रमुख कारण है शरीर में ज्यादा मात्र में फ्री रेडिकल्स का बनना ! ये फ्री-रेडिकल्स क्या हैं? आइये, फ्री रेडिकल्स के बारे में …

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आयुर्वेद से स्थाई मानसिक स्वास्थ्य प्राप्त कीजिये ! : Yogesh Mishra

आयुर्वेद, अवसाद, चिंता और ओसीडी जैसे विकारों में उपचार के रूप में काफी महत्त्वपूर्ण नतीजे देता है ! इस तरह के अध्ययन हुए हैं जिनमें पता चला है कि आयुर्वेद की दवा की खुराक को बढ़ाने के साथ मरीज में एलोपैथी की दवा की खुराक की निर्भरता कम हो जाती …

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तंत्र में गुरु द्वार शक्तिपात से लाभ : Yogesh Mishra

जीव का परम उद्देश्य है जीवत्व से मुक्त होकर शिवत्व में प्रवेश करना ! यह तभी संभव है जब जीव वस्तु स्थिति का ज्ञान का लेता है, वह अपनी आत्म स्थिति का अनुसंधान करते हुए उसमें अवस्थित हो जाता है ! स्वरूप स्थिति में स्थायित्व प्राप्त करना ही मुक्ति द्वार …

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कलयुग में तंत्र विद्या के विशेष लाभ : Yogesh Mishra

तंत्रशास्त्र के सिद्धांतानुसार कलियुग में वैदिक मंत्रों, जपों और यज्ञों आदि का फल नहीं होता इस युग में सब प्रकार के कार्यों की सिद्धि के लिए तंत्रशास्त्र में वर्णिक मंत्रों और उपायों आदि से ही सफलता मिलती है ! तंत्र (संस्कृत शब्द, अर्थात् तंतु) कुछ हिंदू, बौद्ध या जैन संप्रदायों …

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जानिए तंत्र के विशिष्ट साहित्य और आचार्य कौन कौन है | Yogesh Mishra

तन्त्र साहित्य अत्यन्त विशाल है ! प्राचीन समय के दुर्वासा, अगस्त्य, विश्वामित्र, परशुराम, बृहस्पति, वशिष्ठ, नंदिकेश्वर, दत्तात्रेय आदि ऋषियों ने तन्त्र के अनेकों ग्रन्थों का प्रणयन किया, उनका विवरण देना यहाँ अनावश्यक है ! ऐतिहासिक युग में शंकराचार्य के परम गुरु गौडपादाचार्य का नाम उल्लेखयोग्य है ! उनके द्वारा रचित …

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जानिए तंत्र का पूरा इतिहास और विस्तार : Yogesh Mishra

तंत्र भारतीय उपमहाद्वीप की एक वैविधतापूर्ण एवं सम्पन्न आध्यात्मिक परिपाटी तक ही सीमित नहीं है ! तंत्र के अन्तर्गत सम्पूर्ण विश्व के विविध प्रकार के विचार एवं क्रियाकलाप आ जाते हैं ! “तन्यते विस्तारयते ज्ञानं अनेन् इति तन्त्रम्” अर्थात ईश्वरीय ज्ञान को जिसके द्वारा तानकर विस्तारित किया जाता है, वही …

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तुलसीदास की रचना में भी है श्रीराम जन्मभूमि विध्वंस का वर्णन : Yogesh Mishra

“गोस्वामी तुलसीदास” ने चित्रकूट, अयोध्या और बनारस में रह कर एक से एक 23 रचनाएँ कीं :- 1- रामचरितमानस , 2- रामललानहछू 3- वैराग्य-संदीपनी 4- बरवै रामायण , 5-पार्वती-मंगल , 6-जानकी-मंगल , 7- रामाज्ञाप्रश्न , 8-दोहावली, 9-कवितावली , 10- गीतावली 11- श्रीकृष्ण-गीतावली 12- विनयपत्रिका, 13- सतसई 14- छंदावली रामायण 15-कुंडलिया …

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पराशर की तप स्थली रही ‘पराशर झील’ : Yogesh Mishra

माना जाता है कि जबसे सृष्टि का निर्माण हुआ तभी यह झील भी बनी ! 9,100 फीट की उंचाई पर बनी इस झील में पानी कहां से आता है और कहां जाता है किसी को नहीं पता, लेकिन यह पानी ठहरा हुआ भी नहीं है ! इस झील के बीच …

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जानिए ज्योतिष में जीवकोपार्जन के योग :Yogesh Mishra

हम सभी का जीवकोपार्जन कुंडली की ग्रह स्थिती के अनुसार ही होता है ! अत: जीवकोपार्जन की दिशा निर्धारण के पूर्व कुण्डली की ग्रह स्थिती पर अवश्य विचार करना चाहिये ! कुण्डली में जीवकोपार्जन के कुछ विशेष योग इस प्रकार हैं ! 1. रज्जू योग- सब गृह चर राशियों में …

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