
प्रत्येक 3 वर्ष में संस्थान की सफाई क्यों जरुरी है
बड़े-बड़े संस्थानों को चलाने वाले प्रबुद्ध व्यक्तियों का यह अनुभव है कि संस्था में प्रत्येक 3…

बड़े-बड़े संस्थानों को चलाने वाले प्रबुद्ध व्यक्तियों का यह अनुभव है कि संस्था में प्रत्येक 3…

हमारे मस्तिष्क का सीधा संबंध हमारी उंगलियों से है ! इस रहस्य को भगवान शिव ने…

नास्तिक होने का तात्पर्य मात्र हिन्दू जीवन शैली का विरोधी होना मात्र नहीं है, बल्कि किसी…

‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ एक संस्कृत वाक्यांश है ! इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति धर्म की…

धर्म ही मनुष्य की विशेषता है । धर्म विहीन स्वतन्त्रता, स्वेच्छाचारिता या उच्छृंखलता के ही रूप…

प्राय: समाज में देखा जाता है कि बड़े-बड़े संगठनों में दरिद्र मानसिकता के लोग संगठन विरोधी…

सांसारिक व्यक्तियों को तत्वज्ञानियों से दूरी बनाकर रखना चाहिए ! क्योंकि तत्व ज्ञानी आपके उस “अहंकार”…

समाज को वैष्णव ने अनावश्यक तंत्र से डरा कर रखा है, जबकि तंत्र भगवान शिव द्वारा…
सनातन शास्त्रों में धन को “लक्ष्मी” कहा गया है और माता लक्ष्मी सर्वशक्ति संपन्न भगवान विष्णु…