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शक्तिपात की तैयारी : Yogesh Mishra

प्राय: हर आध्यात्मिक व्यक्ति यह चाहता है कि उसे एक योग्य गुरु मिले और वह गुरु उस व्यक्ति के अंदर शक्तिपात द्वारा अपनी ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवेश कर दे, जो उस गुरु ने बहुत लंबे समय के तपस्या के…

प्रश्न विहीन समाज के निर्माण की शुरुआत वैष्णव लेखकों ने की थी : Yogesh Mishra

जैसा कि मैं पहले के लेखों में लिख चुका हूं कि प्रश्न ही समाज की धड़कन है ! जिस समाज में प्रश्न खड़े नहीं होते हैं, वह समाज उस मरे हुए व्यक्ति की तरह है ! जिसकी धड़कन बंद हो…

शिवलिंग उर्ध्वगामी बेलनाकार क्यों होता है : Yogesh Mishra

सावन में रुद्राभिषेक क्यों अवश्य करना चाहिये वर्तमान भौतिक वैज्ञानिक कहते है कि आज से लगभग 13.7 खरब वर्ष पूर्व एक अत्यंत गर्म और घनी अवस्था से ब्रह्मांड का जन्म हुआ ! उनके अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति किसी एक बिंदु…

तथाकथित लोकतंत्र ही विश्व सत्ता का हथियार है : Yogesh Mishra

आधुनिक विकृत लोकतंत्र की आज तक कोई ऐसी सुनिश्चित सर्वमान्य परिभाषा नहीं है कि जो इस शब्द के पीछे छिपे हुए संपूर्ण इतिहास तथा अर्थ को अपने में समाहित करती हो ! हां कहा यह जरूर जाता है कि विश्व…

क्या धर्म गुरुओं ने ही सनातन हिन्दू समाज को तोड़ा है : Yogesh Mishra

वैसे कहने को तो हम सभी राजा सूर्य, विवस्वान्, चंद्र, ऋषि, मुनि, मनु और कश्यप ऋषि आदि की संतानें हैं ! पर इतिहास साक्षी है हम हमेशा से मात्र अपने साम्राज्य विस्तार के लिये अपनों से ही लड़ते आये हैं…

जानिए क्या है सिलिकॉन वैली का रहस्य : Yogesh Mishra

अमेरिका का सिलिकॉन वैली कैलिफोर्निया के सान फ्रान्सिस्को शहर को कहा जाता है ! जो कभी माया संस्कृति का केंद्र था किन्तु आज सिलिकॉन वैली में 6000 से अधिक तकनीकी कम्पनियाँ हैं ! जिसमें से बहुत सी बहुत प्रतिष्ठित कम्पनियाँ…

भारत में मूल शैव प्रजाति अभी भी है : Yogesh Mishra

वैष्णव आक्रांताओं द्वारा भारत की मूल प्रजाति शैव को पूरी तरह से वैष्णव बनाने के हजारों साल के प्रयास के बाद भी आज भारत में मूल शैव प्रजाति के लोग पाये जाते हैं ! यह लोग प्राकृतिक कच्चे मकानों में…

सर्व प्रथम बौद्धों ने तोड़ा था राम मन्दिर : Yogesh Mishra

अयोध्या वैष्णव संस्कृति के विरासत की प्रतिष्ठित नगरी रही है ! यही राजा का जन्म स्थान था तथा यह रामराज्य के यथार्थ का केंद्र भी था ! उस समय समस्त विश्व में वैष्णव सांस्कृतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा यहीं से निर्धारित…

घृणा का व्यवसायी कौन : Yogesh Mishra

इस महाआपदा के काल में हजारों लोग, जिनमें पत्रकार, बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट, राजनेता, साधु-संत, मौलवी, उलेमा, पादरी, किसान, मजदूर, शिक्षक, नौकरशाह आदि सभी शामिल हैं ! अनेक प्रकार से संक्रमित मरीज, उनके परिवार तथा उनसे प्रभावित होने वाले लोगों की जो…

क्या वैश्वीकरण की इच्छा ही हमारे विनाश का कारण है : Yogesh Mishra

मेरी बात सुनने में आपको अटपटी लग सकती है लेकिन यह सच है कि आज सदियों से जो हम अपने अस्तित्व को बचा कर रख पाये हैं, इसका मूल कारण हमारी आत्म केन्द्रित जीवन शैली ! भारतीय सनातन संस्कृति में…