रैक्व ऋषि की कामुक कथा : Yogesh Mishra

गाँधी जी के एक साथी आचार्य विनोबा भावे जी थे ! जो महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में एक गांव है, गागोदा के रहने वाले थे ! जिन्हें लम्बे समय तक एकांत में रहने के कारण खुद के तत्व ज्ञानी होने…

गाँधी जी के एक साथी आचार्य विनोबा भावे जी थे ! जो महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में एक गांव है, गागोदा के रहने वाले थे ! जिन्हें लम्बे समय तक एकांत में रहने के कारण खुद के तत्व ज्ञानी होने…

वैश्विक आंदोलन ‘सेव सॉयल’ के हिस्से के रूप में, ईशा फाउंडेशन और ‘कॉन्शियस प्लैनेट मूवमेंट’ के संस्थापक, जग्गी वासुदेव उर्फ़ सद्गुरु जी महाराज 21 मार्च 2022 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपनी मोटरसाइकिल यात्रा लंदन से शुरू कर…

आज मेरी आयु 54 वर्ष है ! जब से मैंने होश संभाला तब से आज तक भारत में नागरिकों के स्वास्थ्य सुधार के लिए सदैव से विश्व स्वास्थ्य संगठन का कोई न कोई तथाकथित वायरस उन्मूलन कार्यक्रम चलते देख रहा…

रूस ने अमेरिका और यूक्रेन दोनों पर आरोप लगा है कि के.जी.बी. के अनुसार पैथोजन्स बायोलॉजिकल लैब और कैमिकल लैब्स में यूक्रेन और अमेरिकी वैज्ञानिकों की निगरानी में घातक जैविक हथियारों पर रिसर्च का काम हो रहा है ! रूसी…

यूं तो कुम्भ पर्व शताब्दियों से भारत के चार नगरों में, जो कि चार दिशायों में विभिन्न नदियों के किनारे बसे हैं, धार्मिक स्नान पर्व के रुप में मनाया जा रहा है ! पर इसका ऐतिहासिक और प्रामाणिक दस्तावेज बहुत…

डिजिटल इंडिया बनाने वाले पे.टी.एम. के शेयर डाउन हो गये हैं और दूसरी तरफ अडाणी समूह ने गूगल क्लाउड के साथ मल्टी ईयर की साझेदारी कर भारत में गूगल क्लाउड तकनीकी के सहयोग से डिजिटल इंडिया बनाने की मुहिम को…

जिस तरह मनुष्य अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न तरह के हथियारों का प्रयोग करता है ! ठीक उसी तरह ईश्वर भी हमें प्रशिक्षित करने के लिए वक्त को एक हथियार के रूप में प्रयोग करता है ! ईश्वर…

जैविक हथियारों में वायरस, बैक्टीरिया, फंगी जैसे सूक्ष्म जीवों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है ! यह सभी मानवता और प्रकृति के लिये बेहद खतरनाक साबित होते हैं क्योंकि आमतौर पर शुरुआत में तो इसका पता नहीं चलता…

कहने को तो भगवान श्री कृष्ण के विराट व्यक्तित्व का बखान करने के लिये दो ही प्रमाणिक ग्रंथ हैं, जो कि उनके समकालीन लेखक श्री वेदव्यास जी द्वारा लिखे गये थे । पहला महाभारत और दूसरा श्रीमद् भागवत पुराण ।…

प्राय: यह एक वैष्णव अवधारणा है कि यह संसार भगवान के बनाए नियमों से चल रहा है और जो व्यक्ति भगवान के बनाए नियमों का उल्लंघन करेगा वह नष्ट हो जाता है ! लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह देखा गया…