Gautam Buddha

बौद्ध धर्म की उत्पत्ति और विकास में सहायक लोगों का परिचय : Yogesh Mishra

बौद्ध धर्म कभी धर्म प्रचारक आंदोलन के रूप में विकसित नहीं हुआ था ! किन्तु फिर भी बौद्ध के भाई आनंद की अच्छी प्रचार व्यवस्था के कारण यह भारतीय उपमहाद्वीप में बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार दूर-दूर तक हुआ और फिर वहां से यह ज्ञान पूरे एशिया भर में फैल …

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गौतम बुद्ध दो नहीं एक ही थे ! : Yogesh Mishra

गौतम बुद्ध उतने मायावी थे नहीं जितना इनके शिष्यों ने उन्हें बना दिया ! इनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व भगवान श्री राम के ही वंश की एक शाखा इक्ष्वाकु सूर्यवंशी क्षत्रिय वंश के “शाक्य कुल” के राजा शुद्धोधन के घर में उनकी पत्नी महामाया के गर्भ से हुआ …

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बौद्ध धर्म ने कैसे समाज को पलायनवादी अपराधी और पुरुषार्थ विहीन बना दिया था ! : Yogesh Mishra

आज से लगभग 2500 साल पहले बौद्ध धर्म का उत्थान एक निराशावादी, पलायनवादी, अनुभव विहीन, अनपढ़, राजकुमार के द्वारा हुआ था ! पूरा बौद्ध धर्म सनातन धर्म विरोधी ज्ञान नास्तिकता, शिथिल मध्यम मार्ग और शून्यवाद पर टिका हुआ था ! बुद्ध स्वयं तो मांसाहारी थे पर वह वेदों और यज्ञों …

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विश्व को विधर्म का मार्ग बौद्ध धर्मियों ने ही दिखलाया था ! : Yogesh Mishra

भगवान बुद्ध के समय के बाद भारत में हिन्दू एवं जैन, चीन में कन्फ्यूशियस तथा ईरान में जरथुस्त्र विचारधारा का बोलबाला था ! बाकी दुनिया ग्रीस को छोड़कर लगभग विचारशून्य ही थी ! ईसा मसीह के जन्म के पूर्व बौद्ध धर्म की गूंज जेरुशलम तक पहुंची थी और तप के …

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बौद्ध धर्म, धर्म नहीं नास्तिकवादी दर्शन है ! : Yogesh Mishra

धर्म समाज को व्यवस्थित तरीके से चलने के लिये समाज द्वारा धारण किये गये वह नियम हैं !जिनका प्रभाव अनादि काल से अन्नत काल तक रहता है ! क्योंकि धर्म एक जीवनशैली है ! जीवन-व्यवहार का कोड है ! जो समझदारों, चिंतकों, मार्गदर्शकों, ऋषियों द्वारा सुझाया गया सात्विक जीवन-निर्वाह का …

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गौतम बुद्ध का धूर्त अवतारीकरण : Yogesh Mishra

बुद्ध का अवतारीकरण धूर्त भारतीय बाबाओं, वक्ताओं और लेखकों का सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन षड्यंत्र रहा है ! इस संदर्भ में आधुनिक भारत में ओशो के द्वारा चलायह गयह सबसे बड़े षड्यंत्र को गहराई से देखना समझना भी जरुरी है ! एक सनातनी बुद्धि से संचालित ओशो का पूरा …

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क्या बौद्ध धर्म का आधार स्त्रियोचित था ! : Yogesh Mishra

प्रकृति के द्वारा ही पुरुष चित्त और स्त्री चित्त के चेतना के केन्द्र भी भिन्न-भिन्न होते है ! पुरुष मूलत: मष्तिष्क केन्द्रित है ! उसका सारा जोर बौद्घिक है ! वह हर चीज को तर्क वितर्क के आधार पर ही तोलता है ! उसके तर्क करने में भाव की गुंजाइश …

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लुटेरों को भारत का रास्ता बौद्ध अनुयायियों ने दिखलाया था : Yogesh Mishra

कुमारिल भट्ट, मंडन मिश्र और शंकराचार्य जैसे धर्म योद्धा ने जब भारत से बौद्ध धर्म उखाड़ कर फेक दिया और सनातन धर्म की पुनः स्थापना कर दी ! तब बौखलाये बौद्ध धर्म अनुयायियों ने भारत में सनातन धर्म की बरबादी के लिये लुटेरे और डकैतों का सहारा लिया ! ईसा …

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बौद्ध धर्म आखिर सनातन धर्म विरोधी क्यों थे ! : Yogesh Mishra

बौद्ध धर्म हिंदु धर्म की ही एक विकृत शाखा है और दोनों ही भारत भूमि से उपजे हैं ! हिन्दू धर्म के वैष्णव संप्रदाय में गौतम बुद्ध को दसंवा अवतार माना गया है ! हालाँकि बौद्ध धर्म इस मत को स्वीकार नहीं करता है ! बुद्ध से ठीक पहले महाभारत …

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क्या सनातन और धर्मद्रोही थे गौतम बुद्ध ? जानिए अनकहा सत्य : Yogesh Mishra

गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था ! उनकी माँ का नाम महामाया था जो कोलीय वंश की थीं, जिनका गौतम बुद्ध के जन्म के सात दिन बाद निधन हो गया ! उनका पालन महारानी …

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