अघोर साधना की तैयारी कैसे करें : Yogesh Mishra

अभी मैंने अघोर साधना पर कुछ दिन पहले एक लेख लिखा था ! कि “अघोर साधना से आत्म दर्शन कैसे करें !” उस लेख को पढ़कर मेरे वरिष्ठ मित्र का मुझे फोन आया और उन्होंने कहा कि मैं अघोर साधना…

अभी मैंने अघोर साधना पर कुछ दिन पहले एक लेख लिखा था ! कि “अघोर साधना से आत्म दर्शन कैसे करें !” उस लेख को पढ़कर मेरे वरिष्ठ मित्र का मुझे फोन आया और उन्होंने कहा कि मैं अघोर साधना…

भारतवर्ष की प्राचीन सनातन परम्परा का आदर्श तो विश्व में समाजवाद का सर्वोच्च कीर्तिमान स्थापित करता है ! व्यक्ति की उन्नति और समृद्धि को उसकी आर्थिक संपन्नता, दिखावटी भोगवादी जीवन शैली से नहीं मापा जाता ! एक स्वस्थ मानसिकता, स्वस्थ…

14 अगस्त 1947 को धर्म पर आधारित स्वतंत्र पाकिस्तान देश का गठन हुआ था ! तत्कालीन पाकिस्तान के दो भाग थे ! पू्र्वी एवं पश्चिमी पाकिस्तान एवं दोनो ही भाग में सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्ष्णिक समानतायें नही थीं ! संसाधनों…

वैसे तो 1857 की क्रांति के बाद हिंदुस्तान के जनमानस को राजनीतिक मंच देने के लिये 28 दिसंबर 1885 में एक अंग्रेज अफसर ए. ओ. ह्यूम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इसकी स्थापना की थी ! जो थियिसोफिकल सोसाइटी के प्रमुख…

आज के समय की संतान सम्बन्धी गंभीर समस्या गर्भपात के विशेष योगों में से प्रमुख 10 योगों की चर्चा की गयी है ! संतान “जातक” की कुंडली के पंचम भाव अर्थात कुंडली के दाहिने की और पाँचवे घर को कहा…

शुभ मुहूर्त में गर्भाधान संस्कार करने से सुंदर, स्वस्थ, तेजस्वी, गुणवान, बुद्धिमान, प्रतिभाशाली और दीर्घायु संतान का जन्म होता है ! इसलिये इस प्रथम गर्भधान संस्कार का महत्व सर्वाधिक है ! संस्कार का अर्थ संस्करण, परिष्करण, विमलीकरण अथवा विशुद्धिकरण से…

लेख पर पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरह के विचारों का स्वागत है ! लेकिन अपनी बात कहने के पहले मैं यह आग्रह करता हूं कि अंधभक्त और बीजेपी के हित चिंतकों में यदि पूरा लेख पढ़ने का धैर्य हो…

अघोर विश्वास के अनुसार अघोर शब्द मूलतः दो शब्दों ‘अ’ और ‘घोर’ से मिल कर बना है ! जिसका अर्थ है जो कि घोर न हो अर्थात सहज और सरल हो ! इसका अर्थ यह हुआ कि व्यक्ति का अघोर…

समर्पण दो शब्दों से मिल कर बना है ! ‘सम’ और ‘अर्पण’ अर्थात ‘अपने मन का सम्पूर्ण अर्पण’ ! मन का मतलब चाहतें, आकांक्षायें, इच्छायें आदि ! समर्पण स्वयं में एक संपूर्ण शब्द है ! कुछ लोग अध्यात्म में इसे…

अघोर पंथ के प्रणेता भगवन शिव माने जाते हैं ! कहा जाता है कि भगवन शिव ने स्वयं अघोर पंथ को प्रतिपादित किया था ! अवधूत भगवन दत्तात्रेय को भी अघोरशास्त्र का गुरू माना जाता है ! अवधूत दत्तात्रेय को…