गाली देने का मनोविज्ञान समझे : Yogesh Mishra

गाली एक अन्तर्राष्ट्रीय मानव व्यवहार से जुड़ी तनाव मुक्ति का साधन है ! कुछ लोग इसे आवश्यक बुराई के रूप में देखते हैं ! यह विश्व की सभी भाषाओँ में उपलब्ध है ! जिनका अर्थ प्राय: एक ही होता है…

गाली एक अन्तर्राष्ट्रीय मानव व्यवहार से जुड़ी तनाव मुक्ति का साधन है ! कुछ लोग इसे आवश्यक बुराई के रूप में देखते हैं ! यह विश्व की सभी भाषाओँ में उपलब्ध है ! जिनका अर्थ प्राय: एक ही होता है…

भारत को आज़ादी मिलने के बाद उच्च शिक्षा की रूपरेखा तय करने के लिए 1948 में यूनिवर्सिटी एजुकेशन कमीशन ! सर्वपल्ली राधा कृष्णन की अध्यक्षयता में बना ! एक वर्ष के बाद इसने अपनी रिपोर्ट पेश की ! हालाँकि इस…

मानव संसाधन विकास मंत्री ने जब यह घोषणा की कि यू.जी.सी को खत्म कर उच्च शिक्षा की मौनिटरिंग और वित्त के लिए दो नये संस्थान एच.ए.सी.आई. (हेकी) और एच.इ.एफ.ए. (हेफा) बनाये जाएँगे ! तब आश्चर्यजनक रूप से केंद्र सरकार के…

भारतीय संविधान के भाग 3 में मौलिक अधिकारों की श्रेणी में अनुच्छेद 21 में हर भारतीय को जन्म से ही जीवन या फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है ! यह व्यवस्था जापान के संविधान से लिया गया है…

4 दिसम्बर 2019 बुधवार को कैबिनेट द्वारा पारित किये गये “पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल” के तहत भारतीयों का कुछ डाटा को विदेश में स्टोर करने की अनुमति दी गई है ! उस डाटा में क्या क्या होगा यह नहीं बतलाया…

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कोरोना वायरस के मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद- 360 के तहत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने की गुहार की गई है ! याचिका सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी एंड सिस्टमैटिक चेंजेज ने दायर की है…

अगर यह पूछा जाये कि दुनिया में सबसे महंगी चीज क्या बिक सकती है ! तो सीधा एक लाइन का जवाब है “मौत का डर” ! लेकिन इससे भी महंगी एक चीज और बिक सकती है ! वह है किसी…

भारत ही नहीं पूरे विश्व में अब कुछ सत्ताओं की दादागिरी चल रही है ! उसका परिणाम यह है कि यदि कोई राष्ट्र अपने को संपन्न बनाना चाहता है ! अपने नागरिकों की ऊर्जा का सदुपयोग करना चाहता है !…

कल मेरे एक साथी का मेरा हाल चाल जानने के लिये फोन आया ! वह कोरोना वायरस के कारण चीन की आर्थिक बर्बादी से बहुत खुश थे ! मेरे साथी ने बढ़े उत्साह से मुझसे कहा कि अगर चीन आर्थिक…

वास्तव में विषाणु एक अकोशिकीय अतिसूक्ष्म जीव है ! जो केवल जीवित कोशिका में ही वंश वृद्धि कर सकते है ! यह नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन से मिलकर गठित बनते हैं ! शरीर के बाहर तो यह मृत-समान ही होते…