विद्यारम्भ भी एक संस्कार है ! : Yogesh Mishra

विद्यारम्भ और अक्षरारम्भ एक ही संस्कार है ! गृह्य सूत्रों में इसका उल्लेख नहीं मिलता ! इस संस्कार को शिशु के पाँच वर्ष के होने पर करते हैं ! इसे उत्तरायण में किया जाता है ! अनध्याय तिथियों को छोड़…

विद्यारम्भ और अक्षरारम्भ एक ही संस्कार है ! गृह्य सूत्रों में इसका उल्लेख नहीं मिलता ! इस संस्कार को शिशु के पाँच वर्ष के होने पर करते हैं ! इसे उत्तरायण में किया जाता है ! अनध्याय तिथियों को छोड़…

भूख लगाने के हेतुः- प्रातःकाल खाली पेट नींबू का पानी पियें ! खाने से पहले अदरक को कद्दूकस करके सैंधा नमक के साथ लें ! रक्तशुद्धि हेतु :- नींबू, गाजर, गोभी, चुकन्दर, पालक, सेव, तुलसी, नीम और बेल के पत्तों…

होली शब्द “होला” शब्द से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है नई और अच्छी फसल प्राप्त करने के लिये भगवान की पूजा ! वैदिक काल में होली के पर्व को “न्वान्नेष्ठ यज्ञ” कहा जाता था ! इसमें अधपका अन्न (होला)…

इस्लाम के प्रणेता मोहम्मद साहब का देहांत 632 ईसवी में हुआ ! उस घटना के बाद 20 बरस के भीतर भीतर अरब में उदयीमान दस्युदल ने भारत के पश्चिमी सीमांत तक समस्त राष्ट्रों तथा संस्कृतियों का दलन कर डाला !…

कहने को तो धरती हमारी माता है और हम उसकी संतान हैं ! मनुष्य धरती की छाती से उत्पन्न जल, अन्न तथा उसके वायुमंडल से ऑक्सीजन ग्रहण कर जीवन धारण करता है, लेकिन अपने क्षुद्र स्वार्थों की खातिर उसी धरती…

न्यायपालिका द्वारा अपनी परम्परागत शक्तियों के क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कार्यपालिका एवं विधायिका के कार्यक्षेत्र में जनहित की दृष्टि से हस्तक्षेप किया जाना न्यायिक सक्रियता कहलाता है ! वस्तुत: यह एक ऐसी प्रवृत्ति है, जिसके अंतर्गत देश की न्यायपालिका, सामाजिक…

आज शीत युद्ध सारा संसार एक विश्वव्यापी सुरक्षा-नीति के लिए चिंतित हैं ! कुछ वास्तव में चिंतित हैं, कुछ आशंकित हैं और कुछ सुरक्षा के ठेकेदार हैं ! इस चिंता, आशंका एवं ठेकेदारी का आधार है-आणविक क्षमता ! विज्ञान का…

सृष्टि के प्रारंभ से ही मुट्ठी भर चालाक, धुरंधर, शैतान, लालची स्वभाव के लोग नाम, पैसे, पॉवर तथा अपनी दुकान चलाने के लिए समूची मानव जाति को गुमराह कर उसका शोषण करते आ रहे हैं ! मनुष्य जाति के शोषण…

चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों की उपलब्धियों को उजागर करने वाले विज्ञापन हटाने या फिर उन पर पर्दा डालने का निर्देश दोहराया है ! ऐसा हर बार चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किया जाता है…

भाषायी विविधता और विचित्रता के बावजूद भारत एक अनुपम देश है ! यहां 22 मान्यता प्राप्त भाषाएं और 1650 से भी अधिक उप-भाषाएं और बोलियों उपयोग में लाई जाती हैं ! सांस्कृतिक रूप से अनेकता में एकता होते हुए भी…