अभिमंत्रित रुद्राक्ष से मनाइये रक्षाबंधन : Yogesh Mishra

सनातन वैष्णव संस्कृत में रक्षाबंधन का महत्व अनादि काल से है ! प्रहलाद के पुत्र राजा बलि को छलका कर जब भगवान विष्णु ने तीन पग में पूरी पृथ्वी वापस ले ली ! तब हार से तिलमिलाये राजा बलि ने…

सनातन वैष्णव संस्कृत में रक्षाबंधन का महत्व अनादि काल से है ! प्रहलाद के पुत्र राजा बलि को छलका कर जब भगवान विष्णु ने तीन पग में पूरी पृथ्वी वापस ले ली ! तब हार से तिलमिलाये राजा बलि ने…

मुम्बई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए महाराष्ट्र के समुद्री इलाकों के 54 हज़ार मैंग्रोव के पेड़ काटे जाएंगे ! यह बस शुरुआत है उस कथित विकास का जिसकी कीमत बस कुछ वर्षों बाद पूरा मुम्बई और महाराष्ट्र चुकाने वाला है…

ग्रह कब ? कैसे ? कितना ? फल देते हैं इस बात का निर्णय दशा अन्तर्दशा से किया जाता है ! दशा कई प्रकार की हैं, परन्तु सब में शिरोमणि विंशोत्तरी ही है ! (1) सबसे पहले कुंडली में देखिये…

जन्म नाम को कई प्रकार से रखा जाता है,भारत में जन्म नाम को चन्द्र राशि से रखने का रिवाज है,चन्द्र राशि को महत्वपूर्ण इसलिये माना जाता है कि शरीर मन के अनुसार चलने वाला होता है,बिना मन के कोई काम…

जन्म कुण्डली हमारे जन्म समय का नक्शा है,जन्म के समय किस राशि में कौन सा ग्रह कितने अंश में है, इसमें अंकित किया जाता है,हम ज्योतिष शास्त्र के द्वारा किसी भी व्यक्ति के जीवन में घटने वाली किसी भी घटना,समय,घटनास्थल…

जन्म कुण्डली हमारे जन्म समय का नक्शा है,जन्म के समय किस राशि में कौन सा ग्रह कितने अंश में है, इसमें अंकित किया जाता है,हम ज्योतिष शास्त्र के द्वारा किसी भी व्यक्ति के जीवन में घटने वाली किसी भी घटना,समय,घटना…

संतति का जन्म सनातन धर्म में एक आध्यात्मिक कार्य है ! आने वाली पीढ़ियों के उत्तरोतर सुधार के लिये सन्तान की उत्पत्ति की ज्योतिष-शास्त्र में आध्यात्मिक दृष्टि से विचार किया गया है ! इसके लिये गर्भमास के स्वामियों के अनुसार…

आधुनिक युग मे लोकतन्त्र को सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली माना जाता है ! समस्त विश्व में इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की जाती है ! क्यों न हो, इस प्रणाली मे जनता द्वारा जनता के कल्याण के लिए जनता द्वारा शासन किया जाना…

अमेरिकी सरकार की पेटेंट कानून से आज भी भारत पर निशाना साधकर रखा गया है ! बावजूद इसके, इसको लेकर ज्यादा हो-हल्ला नहीं हो पाता है क्योंकि मामला तकनीकी-कानूनी है जिसे समझना आसान नहीं है ! आईये हम इसे सरल…

देश में नक्सलवाद का सिलसिला पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में साठ के दशक में शुरू हुआ ! प्रारम्भ में नक्सलवाद को इस तर्क के साथ आगे बढ़ाया गया कि अत्यंत पिछड़े इलाकों के गरीब-वंचित वर्ग और विशेषतः आदिवासी समाज को…