पाखंडी बाबा का स्वदेशी उत्पादन का सत्य | Yogesh Mishra

एक अति विकसित गांव था ! उस गांव के अंदर गांव की आवश्यकता के अनुरूप सभी चीजों का निर्माण होता था ! लोग कोल्हू से तेल निकालते थे, वैध आयुर्वेदिक दवा बनाते थे ! खाने-पीने का सामान बनाते थे !…

एक अति विकसित गांव था ! उस गांव के अंदर गांव की आवश्यकता के अनुरूप सभी चीजों का निर्माण होता था ! लोग कोल्हू से तेल निकालते थे, वैध आयुर्वेदिक दवा बनाते थे ! खाने-पीने का सामान बनाते थे !…

जैसा कि मेरे निजी संज्ञान में है कि राजीव दीक्षित एक ऐसे राष्ट्रवादी चिंतक, विचारक और वक्ता थे ! जिन्होंने अपना पूरा जीवन “भारत के विनाश के मूल कारणों” को खोजने में लगा दिया और इतना ही नहीं इस “विनाश…

आजकल मैं देख रहा हूं कि बहुत से लोग राजीव दीक्षित जैसी शैली में वक्तव्य देकर, भगवा या सफेद कपड़े पहन कर, दाढ़ी-मूछें, बाल बढ़ाकर राजीव दीक्षित जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं ! लेकिन राजीव दीक्षित ने न…

आंदोलन दो मुख्य कारणों से खड़े किए जाते हैं ! पहला “भ्रम पैदा करके सत्ता को प्राप्त करने के लिए” जैसा कि प्रायः अधिकांश राजनैतिक दल करते हैं ! दूसरा “राष्ट्र की समस्याओं को समाप्त करने के लिये” जैसा कि…

ब्रिटिश शासन पद्धति द्वारा गठित भारत की “संविधान निर्मात्री सभा” में जो शासन के लिए “लोकतांत्रिक पद्धति” अपनाई गई है वह वास्तव में नितांत अव्यवहारिक, निर्बल तथा राष्ट्रघाती पद्धति है ! इस पद्धति के द्वारा कभी भी कोई भी राष्ट्र…

इतिहास गवाह है कि जब कभी भी “हिंदू सभ्यता और संस्कृति” पर कोई बड़ा हमला हुआ है, तो “संत समाज” ने सदैव आगे आ कर उस हमले को निष्क्रिय किया है ! पर आज हिंदू समाज पर “धर्मांतरण” के नाम…

विश्व में जिस तरह “एडोल्फ हिटलर” को आज एक विलेन के रुप में देखा जाता है, उसी तरह भारत की राजनीतिक में राष्ट्रभक्त “नाथूराम गोडसे” को भी एक विलयन के रुप में देखा जाता है ! प्रश्न यह है कि…

पूर्व में एक आर.एस.एस. के पूर्णकालिक स्वयंसेवक जिन्होंने देश की सेवा के लिए विवाह भी नहीं किया था, वह देश की सेवा करते-करते देश के प्रधानमंत्री हो गये ! उन्होंने हिंदुस्तान के मुसलमानों पर तरस खाकर उन्हें खाड़ी मुल्कों में…

सनातन धर्मशास्त्र हमें यह बतलाते हैं कि सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अब तक 14 विश्वयुद्ध लड़े जा चुके हैं ! मनुष्य की उत्पत्ति के साथ ही धर्म को मानने वाले और न मानने वाले दोनों पैदा…

सभी जानते हैं “दलाई लामा” ही तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं। लेकिन वर्ष 1949 में चीन द्वारा अपने साम्राज्य विस्तार के लिय शांतिप्रय आध्यात्मिक बौद्ध राष्ट्र तिब्बत पर चीन ने हमला कर दिया और तिब्बत की पूर्ण राजनीतिक…