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हिन्दू धर्म ग्रंथों के अध्ययन से हमें शान्ति और मोक्ष क्यों नहीं मिलता है : Yogesh Mishra

अब आज के समय का विज्ञान भी मानता है कि आधुनिक मानव यानि होमो सेपियंस यानि हम लोग इस धरती पर सबसे पहले अफ्रीका क्षेत्र में 3,00,000 साल पहले दिखाई दिये थे ! जिन्हें हम प्रकृति प्रिय शैव संस्कृति का…

धनवान होना है, तो धर्म के आडंबर छोड़िये : Yogesh Mishra

 आजकल की युवा पीढ़ी बहुत दुविधा में फंसी है ! एक तरफ तो शिक्षक कहते हैं कि परिश्रम से धन मिलता है और दूसरी तरफ धर्मगुरु कहते हैं कि गणेश लक्ष्मी की पूजा से धन मिलता है !  और इसके…

दोगले वैष्णव कथावाचकों का झूठ : Yogesh Mishra

 वैष्णव कथा वाचक एक तरफ तो कहते हैं कि यदि व्यक्ति धर्म ग्रंथ वेद, पुराण, उपनिषद, वेदांत आदि का अध्ययन करता है, तो वह सभी तरह के विकारों से मुक्त हो जाता है !  और दूसरी तरफ यहीं कथावाचक कहते…

दो दुर्गा के साक्षात् दर्शन : Yogesh Mishra

 आज मैं अपने परिवार के साथ लखनऊ के सबसे विकसित देवी दुर्गा पूजन के पंडाल पर माता के दर्शन करने गया था !  वहां संयोग से दो दुर्गा के दर्शन हुये !  एक तो देवी मां के रूप में विराजमान…

देश के बंटवारे पर एक शोध पत्र : Yogesh Mishra

यह प्रश्न हमेशा से मुझे कचोटता था कि आखिर देश के बंटवारे के समय कश्मीर से खींची गई रेखा ने जब कश्मीर, पंजाब, राजस्थान को दो हिस्से में बांट दिया तो गुजरात के ऊपर थारपारकर जिला, सिंध, पाकिस्तान से यह…

देववाणी ध्यान पद्धति क्या है  : Yogesh Mishra

 मनुष्य ने अपने सामाजिक गिरोह बनाने के लिये हजारों तरह की ध्यान पद्धतियां विकसित की हैं और मनुष्य का यह अप्राकृतिक कार्य मानव सभ्यता के विकसित होने के साथ-साथ ही आरंभ हो गया था ! इसीलिए मनुष्य में हजारों तरह…

दुनिया के सारे दर्शन वेदों से ही क्यों निकले हैं : Yogesh Mishra

न्याय दर्शन कहते हैं कि वेदों की रचना ईश्वर ने की है ! क्योंकि यह मानवीय नहीं हो सकते हैं ! सांख्य दर्शन कहा कि वेदों की रचना ईश्वर ने भी नहीं की है ! वेद प्राकृतिक हैं ! प्रकृति…

दरिद्रता एक प्रजाति है : Yogesh Mishra

 प्राय: लोग दरिद्रता का संबंध शिक्षा से जोड़कर देखते हैं ! जबकि अनुभव में यह आया है कि यदि दरिद्र प्रजाति का व्यक्ति शिक्षित हो भी जाये तब भी वह दरिद्र ही बना रहता है !  इस अनुभव से यह…

तत् और श्री में अंतर : Yogesh Mishra

वैष्णव जीवन शैली में धर्म के नाम पर लूट की अलग-अलग दुकान चलाने के लिए दर्जनों देवी देवताओं का निर्माण वैष्णव धर्माचार्यों ने किया है ! और अलग-अलग देवी-देवताओं को अलग-अलग मानवीय इच्छाओं की पूर्ति करने का पर्याय बना दिया…

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की शैक्षिक योग्यता : Yogesh Mishra

(सनातन धर्म विरोधी अम्बेडकरवादी इस पोस्ट से दूर रहें) डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में स्थित महू में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। प्राय: सभी अंबेडकर भक्त यह बतलाते हैं कि भीमराव अंबेडकर के पास…