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अवतारवाद का विज्ञान : Yogesh Mishra

 अवतार के विषय में कोई भी चर्चा करने के पहले यह जान लेना बहुत आवश्यक है कि अवतार का वर्णन न तो वेदों में मिलता है और न ही वेदांत में !  इसी तरह अवतार का वर्णन न तो सनातन…

अपने बचत का पैसा कहां सुरक्षित रखें : Yogesh Mishra

 हर व्यक्ति बहुत ही परिश्रम से पैसे कमाता है और बैंक में अकाउंट खोल कर या एफ.डी.आर. आदि के माध्यम से उस कमाये हुए पैसे का एक अंश बचाता है ! लेकिन ज्ञान के अभाव में आज व्यक्ति यह नहीं…

अति धार्मिकता ही हमारे सर्वनाश का कारण है

 यह एक कठोर सत्य है कि जब भी समाज में धर्म और भौतिकता का असंतुलन हुआ है, तब समाज अपने विनाश की ओर बढ़ गया है !  इसे दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि कोई भी…

अज्ञात भय आप के विकास में बाधक है : Yogesh Mishra

 प्रायः देखा जाता है कि कुछ व्यक्तियों में जन्मजात अज्ञात भय की शिकायत मिलती है ! जिसका कोई कारण नहीं होता है लेकिन व्यक्ति फिर भी लोगों से, समाज से, रिश्तेदारों से, मित्रों से, अपने टीचर या माता-पिता से अनावश्यक…

हिमालय का रहस्य भोटिया कुत्ता : Yogesh Mishra

 भगवान शिव का नाम लेते ही शिव के विश्वसनीय गण भैरव जी महाराज का नाम स्वत: ही जवान पर आ जाता है ! भैरव का पर्याय एक विशेष नस्ल का हिमालय का भोटिया कुत्ता माना जाता है ! जो कैलाश…

हिन्दुओं को धार्मिक साहित्य लिखने की जरुरत क्यों पड़ी : Yogesh Mishra

हिंदू धर्म के पवित्र ग्रन्थों को दो भागों में बाँटा गया है- श्रुति और स्मृति ! श्रुति (शाब्दिक अर्थ “सुना हुआ” है) संस्कृत ग्रंथों का एक वर्ग है जिसे रहस्योद्घाटन के रूप में माना जाता है ! वहीं स्मृति (शाब्दिक…

हिंदू संस्कृति क्यों नहीं मिट सकती है : Yogesh Mishra

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा लेखन हिंदू धर्म में ही हुआ है ! यह एक प्राचीन सभ्यता की लंबी महाश्रृंखला है या दूसरे शब्दों में कहा जाये तो हिंदू धर्म में लिखे गये ग्रंथों के मात्र नाम को ही यदि…

हिंदुओं को कथावाचकों से क्यों बचना चाहिये : Yogesh Mishra

जैसा कि हम सभी जानते हैं कथावाचक परजीवी होते हैं ! अर्थात भगवान की कथा के नाम पर  अपनी दुकान चलाने के लिए यह लोग भक्त समूहों को भावुक और गुमराह करके अपना जीवन यापन करते हैं !  इसीलिए इन्हीं…

हरम में लड़कियाँ स्वेच्छा से भी रहती थीं : Yogesh Mishra

सदैव से राजाओं के पास मनोरंजन और भोग के लिये तीन तरह की स्त्रियाँ होती थी ! एक रानियों, दूसरी रखैलों और तीसरी दासियों ! जिनके लिए महल के अंदर ही एक अलग दुनिया बसा दी जाती थी ! भारतीय…

स्वघोषित संत ही धर्म के सर्वनाश का कारण हैं : Yogesh Mishra

बहुत से लोग बड़े-बड़े संतों का नाम लेकर मुझसे राय पूंछते हैं कि इन लोगों ने अपना पूरा जीवन राम और कृष्ण को ईश्वर मानते हुये समर्पित कर दिया और आप राम और कृष्ण को मात्र महापुरुष मानते हैं !…